सिंधु जल संधि, तीस्ता परियोजना और कांसुलर सेवाओं पर विदेश मंत्रालय ने भारत का रुख किया साफ
भारत ने पाकिस्तान के साथ 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित रखने का फैसला किया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि यह निलंबन तब तक जारी रहेगा जब तक पाकिस्तान सीम
भारत ने पाकिस्तान के साथ 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित रखने का फैसला किया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि यह निलंबन तब तक जारी रहेगा जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को स्थायी और विश्वसनीय तरीके से समर्थन देना बंद नहीं कर देता। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर भारत के पुराने रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत की स्थिति स्पष्ट की।
बांग्लादेश के साथ तीस्ता परियोजना
बांग्लादेश की तीस्ता नदी परियोजना पर बात करते हुए जायसवाल ने बताया कि भारत पहले ही इस मामले में अपना रुख बांग्लादेश को बता चुका है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में विकास परियोजनाओं के लिए भारत की सहायता एक तय रोडमैप के अनुसार दी जाती है, जिसकी नियमित समीक्षा होती है। प्रवक्ता के मुताबिक, इस मुद्दे से जुड़े सभी नए घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए भारत अपनी आगे की रणनीति तय करेगा।
विदेशों में कांसुलर सेवाएं
विदेशों में भारतीय मिशनों द्वारा दी जा रही कांसुलर सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। रणधीर जायसवाल ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थित भारतीय मिशन फिलहाल सीमित कांसुलर सेवाएं दे रहे हैं। इसका कारण यह है कि इन देशों में कांसुलर सेवाओं में सहयोग करने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी का काम अभी रुका हुआ है। यह मामला दिल्ली उच्च न्यायालय में विचाराधीन है और मंत्रालय को अदालत के निर्देशों का इंतजार है।
अफगानिस्तान पर हवाई हमले
अफगानिस्तान में हुए हालिया हमलों पर विदेश मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाया। जायसवाल ने कहा, “हमने पाकिस्तान से अफगानिस्तान पर किए गए हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है।” उन्होंने अफगानिस्तान की संप्रभुता और अखंडता के लिए भारत का मजबूत समर्थन दोहराते हुए यह भी बताया कि वहां के लोगों के जीवन में सुधार के लिए भारत की मानवीय सहायता और विकास परियोजनाएं जारी रहेंगी।
इनपुट: IANS



