गुरूवार, 23 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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JPSC परीक्षा विवाद: पूर्व अध्यक्ष के घर CID का छापा, अब तक 5 लोग गिरफ्तार

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ियों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जांच के क्रम में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने गुरुवार…

JPSC परीक्षा विवाद: पूर्व अध्यक्ष के घर CID का छापा, अब तक 5 लोग गिरफ्तार
(फोटो: IANS)

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ियों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जांच के क्रम में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने गुरुवार को आयोग के निवर्तमान अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एल. ख्यांग्ते के रांची स्थित कांके रोड आवास पर छापेमारी की।

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पुलिस बल के साथ पहुंची CID की टीम ने श्री ख्यांग्ते के घर पर JPSC से जुड़े दस्तावेज़ों और अन्य रिकॉर्ड की गहनता से जाँच की। हालाँकि, इस छापेमारी के दौरान क्या बरामद हुआ, इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह कार्रवाई उस प्राथमिकी के सिलसिले में की गई है जो 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के नतीजों पर उठे विवाद के बाद दर्ज हुई थी।

जांच का दायरा और गिरफ्तारियां

CID ने इस मामले में कांड संख्या 16/2026 के तहत FIR दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है। इससे पहले 21 जुलाई को भी राज्य सरकार के निर्देश पर CID और रांची पुलिस की संयुक्त टीमों ने JPSC मुख्यालय और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के कार्यालयों सहित कई ठिकानों पर एक साथ दबिश दी थी।

उस दौरान जांच टीम ने कंप्यूटर रिकॉर्ड, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कई दस्तावेज़ जब्त किए थे। इसी कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद देर रात एल. ख्यांग्ते ने आयोग के अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा दे दिया था।

न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी

प्रारंभिक जांच में मिले सबूतों के आधार पर CID ने 22 जुलाई को पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह और कंपनी से जुड़े तीन अन्य लोग—मो. उस्मान, मो. एबाद और अभय कुमार तिवारी शामिल हैं। बुधवार को इन सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी अब परीक्षा संचालन, परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया और डिजिटल डेटा के प्रबंधन में विभिन्न अधिकारियों तथा एजेंसी की भूमिका की पड़ताल कर रही है। यह मामला तब सामने आया जब अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा के नतीजों में अनियमितता, पारदर्शिता की कमी और प्रक्रिया में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद सरकार ने जांच CID को सौंप दी।

इनपुट: IANS

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