एन. चंद्रशेखरन के इस्तीफे की खबर से टाटा समूह के शेयरों में भारी गिरावट, TCS 6% तक टूटा
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के पद छोड़ने की घोषणा के बाद बुधवार को शेयर बाज़ार में टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव देखा गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक…
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के पद छोड़ने की घोषणा के बाद बुधवार को शेयर बाज़ार में टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव देखा गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, नेतृत्व में बदलाव की इस खबर से निवेशकों में बेचैनी दिखी, जिसके चलते समूह की सबसे बड़ी कंपनी TCS समेत कई शेयरों में 6% तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
चंद्रशेखरन ने बुधवार को यह ऐलान किया कि वे टाटा संस के चेयरमैन के तौर पर दोबारा नियुक्ति नहीं चाहेंगे। हालांकि, वे अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करेंगे, जो फरवरी 2027 में समाप्त हो रहा है। यह फैसला टाटा संस की 18 अगस्त को होने वाली वार्षिक आम बैठक (AGM) से कुछ ही दिन पहले आया है। उनके इस निर्णय के साथ ही भारत के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में से एक, टाटा समूह में उनके लगभग नौ साल के नेतृत्व का अध्याय समाप्त होने की ओर बढ़ गया है।
बाज़ार पर क्या असर हुआ?
इस घोषणा का सबसे ज़्यादा असर समूह की आईटी दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) पर पड़ा। कारोबार के दौरान TCS का शेयर करीब 5.9% टूटकर 2,300.10 रुपये के दिन के निचले स्तर पर आ गया। बाद में यह 4.7% की गिरावट के साथ 2,328 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
अन्य प्रमुख शेयरों में भी गिरावट:
- टाटा मोटर्स (पैसेंजर व्हीकल्स): इसके शेयरों में लगभग 4% की गिरावट आई और यह 334.20 रुपये के निचले स्तर तक पहुँच गया।
- टाटा स्टील: यह शेयर 2% से ज़्यादा फिसलकर 183.60 रुपये के स्तर पर आ गया।
- टाइटन कंपनी: शेयर 2.65% गिरकर 4,992 रुपये के निचले स्तर पर पहुँच गया।
- टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स: इसमें भी करीब 2% की गिरावट देखी गई।
इनके अलावा टाटा एलेक्सी, टाटा कम्युनिकेशंस, टाटा टेक्नोलॉजीज, टाटा पावर और टाटा मोटर्स (कमर्शियल व्हीकल्स) जैसे अन्य शेयर भी 2% तक लुढ़क गए। हालांकि, इस बिकवाली के माहौल में टाटा केमिकल्स का शेयर एक अपवाद रहा, जिसमें करीब 2% की मजबूती दर्ज की गई।
एन. चंद्रशेखरन का कार्यकाल
एन. चंद्रशेखरन ने 1987 में टाटा समूह के साथ अपना करियर शुरू किया था। उन्होंने लगभग 30 साल TCS में विभिन्न भूमिकाओं में काम किया और 2009 में इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बने। उनके नेतृत्व में ही TCS देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी। जनवरी 2017 में उन्हें टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। अब निवेशकों की निगाहें इस पर टिकी हैं कि टाटा समूह का अगला नेतृत्व कौन करेगा और भविष्य की रणनीति क्या होगी।
इनपुट: IANS



