जानिए सरस्वती पूजा करने की विधि और क्या है उसका शुभ मुहूर्त?
सरस्वती पूजा का त्योहार हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। बसंत पंचमी के दिन से ही वसंत ऋतु की शुरूआत होती है।
“religion-related work” से जुड़ी सभी ताज़ा खबरें।
सरस्वती पूजा का त्योहार हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। बसंत पंचमी के दिन से ही वसंत ऋतु की शुरूआत होती है।
शरद पूर्णिमा माता लक्ष्मी का प्रमुख पर्व माना जाता है जब चंद्रमा 16 कलाओं से युक्त होता है। इस दिन मृत्यु को लेकर कोई धार्मिक मान्यता नहीं है, पर इसे रोग निदान और आरोग्य लाभ का दिन माना गया है।
शरद ऋतु की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं। माना जाता है कि शरद पूर्णिमा का व्रत करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने में चांदी की भगवान की मूर्ति देखना अत्यंत शुभ माना जाता है, जो धन लाभ, खुशियों, परिवार में नए सदस्य और संतान सुख का संकेत देता है।
https://youtu.be/HYf_fYq9AIM आधुनिक युग में विज्ञान के चमत्कार से हर कोई वाकिफ है।
भगवान कृष्ण के भक्तों की संस्था ISCON का प्रभाव तेजी से यूरोपियन देशों में फ़ैल रहा था।
भारत की देव कथाओं में संस्कृतियों का मिलन देखा गया है। रामायण की कहानी देखें तो वह उत्तर से दक्षिण की ओर यात्रा कराती है।
धर्म को आमतौर पर नैतिकता, अनुष्ठान, पौराणिक कथाओं, दर्शन, विश्वास प्रणाली और विश्वास का एक विशाल भंडार कहा जाता है।