NEET पुनर्परीक्षा: नागपुर के छात्र को मिला अबू धाबी का केंद्र, NTA ने मानी गलती
NEET पुनर्परीक्षा से दो दिन पहले NTA ने नागपुर के छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद को गलती से अबू धाबी का परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया, जबकि उसके पास पासपोर्ट तक नहीं है। हेल्पलाइन शिकायत और पूर्व मंत्री अनीस अहमद के हस्तक्षेप के बाद एजेंसी ने तकनीकी गलती स्वीकार की और शनिवार शाम 4 बजे तक नागपुर का केंद्र देने का आश्वासन दिया।
नागपुर, महाराष्ट्र। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की एक तकनीकी चूक ने नागपुर के एक मेडिकल अभ्यर्थी को असमंजस में डाल दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, NEET पुनर्परीक्षा से ठीक दो दिन पहले एजेंसी ने नागपुर के छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद को गलती से अबू धाबी, संयुक्त अरब अमीरात का परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया, जबकि छात्र के पास विदेश यात्रा के लिए पासपोर्ट तक उपलब्ध नहीं है।
क्या है पूरा मामला
एक रिपोर्ट के अनुसार, छात्र ने परीक्षा केंद्र के लिए अपनी वरीयताओं में सबसे पहले नागपुर को रखा था, जबकि दूसरे और तीसरे विकल्प के रूप में वर्धा और भंडारा चुने थे। मूल परीक्षा में उसे नागपुर के सरस्वती विद्यालय में केंद्र आवंटित किया गया था, जो उसकी प्राथमिकता के अनुरूप था।
हालांकि, पेपर लीक विवाद के बाद जब पुनर्परीक्षा की प्रक्रिया शुरू हुई और नया एडमिट कार्ड जारी किया गया, तो उसमें परीक्षा केंद्र बदलकर अबू धाबी इंडियन स्कूल कर दिया गया। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने पर जब छात्र और उसके परिवार की नज़र इस बदलाव पर पड़ी, तो उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गई। परीक्षा की निर्धारित तारीख 21 जून 2026 थी, और महज़ 48 घंटों के भीतर विदेश जाकर परीक्षा देना किसी भी सूरत में संभव नहीं था।
परिवार का दावा
छात्र और उसके परिवार का कहना है कि अब्दुल्ला के पास पासपोर्ट ही नहीं है, ऐसे में 24 से 48 घंटों के भीतर विदेश पहुंचकर परीक्षा में बैठना पूरी तरह असंभव है। इस अप्रत्याशित स्थिति ने न केवल छात्र के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा दिया, बल्कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा के संचालन की साख पर भी सवाल खड़े कर दिए।
शिकायत और हस्तक्षेप
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए छात्र ने NTA की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता अनीस अहमद ने मामले में हस्तक्षेप किया। अनीस अहमद के दावे के अनुसार, उनके हस्तक्षेप के बाद NTA ने अपनी तकनीकी गलती को स्वीकार किया।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसी ने आश्वासन दिया कि शनिवार शाम 4 बजे तक नागपुर का नया परीक्षा केंद्र आवंटित करते हुए संशोधित एडमिट कार्ड जारी कर दिया जाएगा, ताकि छात्र अपने ही शहर में परीक्षा दे सके।
समयरेखा
- 21 जून 2026: NEET पुनर्परीक्षा की निर्धारित तारीख।
- 20 जून 2026, शाम 4 बजे तक: संशोधित एडमिट कार्ड जारी करने की समय सीमा, जिसमें नागपुर का केंद्र आवंटित किया जाना है।
परस्पर विरोधी ब्योरे
इस घटना से जुड़े कुछ विवरणों में मीडिया रिपोर्ट्स में अंतर देखने को मिला। एक रिपोर्ट में छात्र का नाम 'अब्दुल्ला मोहम्मद' बताया गया, जबकि अन्य रिपोर्टों में केवल 'नागपुर के छात्र' के रूप में उल्लेख किया गया और नाम नहीं दिया गया। इसी तरह, संशोधित एडमिट कार्ड जारी करने को लेकर एक रिपोर्ट में शनिवार शाम 4 बजे तक की विशिष्ट समय सीमा का ज़िक्र है, जबकि अन्य रिपोर्टों में सामान्य रूप से 'परीक्षा से पहले' संशोधित कार्ड जारी करने की बात कही गई।
व्यापक संदर्भ और आगे क्या
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पेपर लीक विवाद के चलते पहले ही परीक्षा की प्रक्रिया विवादों में रही है। रिपोर्ट के अनुसार, इस परीक्षा में लगभग 22 लाख परीक्षार्थी शामिल हैं, ऐसे में किसी एक छात्र को सैकड़ों किलोमीटर दूर विदेशी केंद्र आवंटित किया जाना परीक्षा प्रणाली की तकनीकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है।
फिलहाल छात्र और परिवार की नज़रें NTA के संशोधित एडमिट कार्ड पर टिकी हैं। यदि एजेंसी अपने आश्वासन के अनुरूप समय रहते नागपुर का केंद्र आवंटित कर देती है, तो छात्र बिना किसी बाधा के परीक्षा में बैठ सकेगा। यह घटना दर्शाती है कि बड़े पैमाने पर आयोजित परीक्षाओं में भी छोटी-सी तकनीकी चूक किसी अभ्यर्थी के भविष्य के लिए कितनी भारी पड़ सकती है।



