शनिवार, 25 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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NEET विवाद: 'सिर्फ तबादला सज़ा नहीं, जवाबदेही तय हो' - CJP के पूर्व प्रवक्ता ने उठाए व्यवस्था पर सवाल

नीट पेपर लीक विवाद के बीच अधिकारियों पर हुई कार्रवाई को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया ने अपर्याप्त बताया है। उन्होंने उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी के तबादले का उदाहरण देते…

NEET विवाद: 'सिर्फ तबादला सज़ा नहीं, जवाबदेही तय हो' - CJP के पूर्व प्रवक्ता ने उठाए व्यवस्था पर सवाल
(फोटो: IANS)

नीट पेपर लीक विवाद के बीच अधिकारियों पर हुई कार्रवाई को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया ने अपर्याप्त बताया है। उन्होंने उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी के तबादले का उदाहरण देते हुए कहा कि केवल किसी अधिकारी का विभाग बदल देना जवाबदेही तय करने के बराबर नहीं है, क्योंकि तबादला कोई सज़ा नहीं होती। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में वास्तविक सुधार के लिए ज़िम्मेदारी तय करने पर ज़ोर दिया।

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विजेता दहिया के अनुसार, नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र पहले से ही बहुत अधिक मानसिक दबाव में होते हैं। उन्होंने कहा कि जब महीनों या वर्षों की मेहनत के बाद सफल होने पर छात्रों को पता चलता है कि पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द हो सकती है, तो उनकी मानसिक स्थिति पर गहरा असर पड़ता है। दहिया ने कहा कि इसी तनाव और अनिश्चितता के कारण कई लोग छात्रों की मौत को केवल आत्महत्या नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता से जुड़ी मौतें मान रहे हैं।

सरकार से बातचीत और आंदोलन की मांगें

विजेता दहिया ने दावा किया कि सीजेपी और सरकार के बीच बातचीत सकारात्मक रही है। उनके मुताबिक, सरकार ने सैद्धांतिक रूप से दो मांगों पर आश्वासन दिया है — पहला, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेना और दूसरा, नीट पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने पर विचार करना। उन्होंने उम्मीद जताई कि आंदोलन की तीसरी प्रमुख मांग, यानी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भी आगे प्रगति होगी।

आंदोलन की फंडिंग और स्वरूप पर स्पष्टीकरण

विपक्षी दलों से फंडिंग मिलने के आरोपों को खारिज करते हुए विजेता दहिया ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह से जनता के सहयोग से चल रहा है। उन्होंने बताया कि लोग अपनी क्षमता के अनुसार कालीन, पंखे, कूलर और भोजन जैसी चीज़ों से मदद कर रहे हैं। उन्होंने इसे "लोगों का आंदोलन" बताते हुए कहा कि एक राजनीतिक दल ने मदद की पेशकश की थी, लेकिन उनसे सार्वजनिक रूप से योगदान देने को कहा गया। दहिया ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं को सामने लाना है और राजनीतिक दलों से भी अपील की गई थी कि वे पार्टी के झंडों के बिना समर्थन करें।

CJP की भूमिका और आगे की राह

यह पूछे जाने पर कि क्या विपक्षी दलों ने आंदोलन पर कब्ज़ा कर लिया है, दहिया ने स्पष्ट किया कि सीजेपी कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है और यह युवाओं का आंदोलन है। उन्होंने कहा कि वह अब संगठन के प्रवक्ता नहीं हैं, लेकिन एक समर्थक के तौर पर योगदान दे रहे हैं। दहिया के अनुसार, चूंकि आंदोलन की शुरुआत सीजेपी ने की थी, इसलिए संगठन की भूमिका को इससे अलग नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि देशभर में जन आंदोलन बनने के कारण ही सरकार कम से कम बातचीत के लिए तैयार हुई है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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