रविवार, 12 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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हाइपोथायरायडिज्म मानव शरीर के लिए कैसे घातक है?

आजकल की हेक्टिक लाइफस्टाइल के चलते हमारा खान-पान काफी बड़े स्तर पर प्रभावित हो रहा है। जिसके कारण हमारा शरीर अनेक बीमारियों का गाड़ बनता जा रहा है।

हाइपोथायरायडिज्म मानव शरीर के लिए कैसे घातक है?

आजकल की हेक्टिक लाइफस्टाइल के चलते हमारा खान-पान काफी बड़े स्तर पर प्रभावित हो रहा है। जिसके कारण हमारा शरीर अनेक बीमारियों का गाड़ बनता जा रहा है। जो धीरे -धीरे इंसान को अंदर से खोखला और बेबस कर देता है। आपको बटन चाहेंगे हाइपोथायरायडिज्म के मामले काफी देखने को मिल रहे है। एक ऐसी स्थिति है जिसमें थायराइड ग्लैंड प्रयाप्त थायराइड हार्मोन का उत्पादन नहीं करता है। यह एक बहुत सामान्य स्थिति है। इसके कारण आपके गर्दन में सूजन होने की संभावना बढ़ जाती है। यदि आपको गर्दन में सूजन या भारीपन महसूस होता है, तो इस बीमारी के होने का अंदेशा होता है।

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इतना ही नहीं अगर आप इस घातक बीमारी से ग्रसित है तो आपके बाल बालों और त्वचा में रूखापन जैसी समस्या देखने को मिलेगी , आपको बता दे की आपको महसूस होगा की बालों का तेजी से झड़ना शुरू होगया और संवेदनशील त्वचा के लक्षण हाइपरथायरॉइड में देखे जाते हैं। कब्ज, बाल झड़ना, सूखे बाल, त्वचा की सूखापन, थकान, शारीरिक दर्द, शरीर में द्रव प्रतिधारण, कम दिल की दर हाइपरथायरॉइड के मुख्य लक्षण है।

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soft tissue injuries

इस घातक बीमारी का उपचार की बात करे तो सबसे पहले अपना टेस्ट करवाए , डॉक्टर से सलाह ले और हाइपोथायरायडिज्म को सिंथेटिक थायरॉक्सिन हार्मोन द्वारा माना जाता है , निदान की शुरुआती अवधि में थायरोक्साइन की खुराक को समायोजित करने के लिए नियमित रूप से थायरॉइड फ़ंक्शन परीक्षण प्रत्येक 8 सप्ताह -12 सप्ताह में किए जाते हैं. एक बार थायरोक्साइन खुराक स्थिर हो जाने पर, परीक्षण साल में एक बार भी किया जा सकता है, यह उपचार काफी प्रभावी है।

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Sadhna Sharma

साधना शर्मा News4Social की संवाददाता हैं। वे राष्ट्रीय खबरों और रोज़मर्रा के ताज़ा घटनाक्रम को कवर करती हैं, और मुद्दों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुँचाने पर ध्यान देती हैं। सभी लेख देखें →

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