सोमवार, 6 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
दिल्ली

दिल्ली की नई EV नीति: सिर्फ सब्सिडी नहीं, प्रदूषण से निपटने का एक मुकम्मल समाधान - सीएम रेखा गुप्ता

दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने और इसे देश की 'ईवी राजधानी' के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से सरकार ने अपनी नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति पेश की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस नीति को परिवहन व्यव

दिल्ली की नई EV नीति: सिर्फ सब्सिडी नहीं, प्रदूषण से निपटने का एक मुकम्मल समाधान - सीएम रेखा गुप्ता
(फोटो: IANS)

दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने और इसे देश की 'ईवी राजधानी' के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से सरकार ने अपनी नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति पेश की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस नीति को परिवहन व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव बताते हुए कहा कि इसका लक्ष्य सिर्फ वाहनों पर सब्सिडी देना नहीं, बल्कि प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए एक समग्र और स्थायी ढाँचा तैयार करना है। समाचार एजेंसी IANS के साथ एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने नीति के विभिन्न पहलुओं और इससे जुड़ी चिंताओं पर विस्तार से बात की।

विज्ञापन

सीएम गुप्ता ने स्पष्ट किया कि यह नीति इलेक्ट्रिक वाहनों को दिल्ली में परिवहन का पसंदीदा साधन बनाने के विजन के साथ लाई गई है। उन्होंने कहा, "दिल्ली शहर के लिए इलेक्ट्रिक वाहन नीति एक बहुत बड़ी आवश्यकता थी। अब जब हमने इस पॉलिसी को जनता के समक्ष रखा, तो हमने न केवल सब्सिडी प्रदान की है, बल्कि स्क्रैपिंग इंसेंटिव देने, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान केंद्रित करने, अनिवार्यताओं को लागू करने और ई-कचरा संयंत्र के लिए एक संपूर्ण योजना तैयार करने का भी काम किया है।"

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और चरणबद्ध बदलाव

सरकार का लक्ष्य 2030 तक दिल्ली की सड़कों पर 30 प्रतिशत से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन उतारने का है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की भूमिका को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में मौजूदा 9,000 चार्जिंग पॉइंट्स की संख्या को बढ़ाकर 32,000 करने की योजना है। उन्होंने कहा, "लोग इलेक्ट्रिक वाहन तभी खरीदेंगे जब उन्हें पर्याप्त बुनियादी ढांचे की उपलब्धता का भरोसा होगा।" इसके लिए सरकार एक सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म भी स्थापित करेगी।

पेट्रोल-डीजल वाहनों को लेकर चिंताओं को दूर करते हुए उन्होंने साफ किया कि यह बदलाव चरणबद्ध तरीके से होगा। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी, 2027 से केवल इलेक्ट्रिक ऑटो और अप्रैल 2028 से सिर्फ इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही पंजीकरण होगा। मौजूदा वाहन अपनी कानूनी अवधि पूरी होने तक सड़कों पर चल सकेंगे।

प्रदूषण के खिलाफ बहु-आयामी लड़ाई

सीएम रेखा गुप्ता के अनुसार, नई ईवी नीति प्रदूषण के खिलाफ दिल्ली सरकार की व्यापक रणनीति का एक अहम हिस्सा है। उन्होंने धूल नियंत्रण, 70 लाख पेड़ लगाने की योजना और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने जैसे प्रयासों का जिक्र किया। दिल्ली में पहले से ही करीब 4,500 इलेक्ट्रिक बसें हैं, जो देश के किसी भी राज्य में सबसे अधिक है। पीएम ई-ड्राइव पहल के तहत इस बेड़े को और बढ़ाने के लिए नए टेंडर भी जारी किए गए हैं।

नीति में ई-रिक्शा को शामिल न करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी आजीविका और यातायात से जुड़े मुद्दों को देखते हुए हितधारकों से परामर्श के बाद उनके लिए एक अलग नीति लाई जाएगी। साथ ही, उन्होंने बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि दिल्ली का पावर इंफ्रास्ट्रक्चर सौर ऊर्जा विस्तार और सबस्टेशनों को मजबूत कर इस बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार है।

इनपुट: IANS

N

News4Social वायर डेस्क

News4Social वायर डेस्क, समाचार एजेंसी IANS से लाइसेंस-प्राप्त खबरें प्रकाशित करता है। इन रिपोर्ट्स की मूल जानकारी एजेंसी से आती है, जिसे हमारी संपादकीय टीम तथ्यों की जाँच के बाद News4Social की स्पष्ट व सहज भाषा-शैली में संपादित एवं पुनर्लिखित करती है — ताकि पाठकों को भरोसेमंद और पठनीय समाचार मिलें। प्रत्येक रिपोर्ट में मूल स्रोत IANS का श्रेय दिया जाता है; तस्वीरें: IANS। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →