रविवार, 5 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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दिल्ली: ग्राहकों के नाम पर फर्जी SIM एक्टिवेट कर साइबर ठगों को बेचता था एजेंट, पुलिस ने किया गिरफ्तार

साइबर अपराध पर लगाम कसने की कोशिश में जुटी दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे टेलीकॉम एजेंट को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर फर्जी तरीके से सिम कार्ड एक्टिवेट करके उन्हें साइबर ठगों को बेचता था। समाचार एजेंसी

दिल्ली: ग्राहकों के नाम पर फर्जी SIM एक्टिवेट कर साइबर ठगों को बेचता था एजेंट, पुलिस ने किया गिरफ्तार
(फोटो: IANS)

साइबर अपराध पर लगाम कसने की कोशिश में जुटी दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे टेलीकॉम एजेंट को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर फर्जी तरीके से सिम कार्ड एक्टिवेट करके उन्हें साइबर ठगों को बेचता था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी की पहचान शिवम के तौर पर हुई है, जो उत्तरी दिल्ली में सड़क किनारे एक अस्थायी स्टॉल लगाकर एक लाइसेंस्ड पॉइंट ऑफ सेल (POS) एजेंट के तौर पर काम करता था।

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दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के साइबर थाने ने यह कार्रवाई की। डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने रविवार को जानकारी दी कि शिवम को 2 जुलाई को हिंदू राव अस्पताल के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, यह मामला तब सामने आया जब दिल्ली में सक्रिय POS एजेंटों से जुड़ी खुफिया जानकारी का विश्लेषण किया जा रहा था। इस दौरान पाया गया कि सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के कुछ एजेंटों द्वारा एक्टिवेट किए गए सिम कार्ड देशभर के साइबर फ्रॉड मामलों में बार-बार इस्तेमाल हो रहे थे।

कैसे करता था धोखाधड़ी?

पूछताछ में आरोपी शिवम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि वह सिम खरीदने आए असली ग्राहकों के पहचान दस्तावेजों और बायोमेट्रिक जानकारी का दुरुपयोग करता था। इसी जानकारी के आधार पर वह अतिरिक्त सिम कार्ड एक्टिवेट कर लेता था। इन पहले से एक्टिवेट सिम कार्ड्स को वह बिना किसी केवाईसी नियम का पालन किए 500 से 600 रुपये प्रति सिम की दर से बेच देता था। ये सिम कार्ड साइबर अपराधियों के हाथों में पहुंच जाते थे, जो इनका इस्तेमाल अपनी पहचान छिपाने और वित्तीय धोखाधड़ी जैसे अपराधों को अंजाम देने के लिए करते थे।

पुलिस जांच और पिछला रिकॉर्ड

पुलिस को शिवम के पास से ऐसे डिजिटल लॉग और एक्टिवेशन से जुड़े दस्तावेज मिले हैं, जो ब्लैकलिस्टेड सिम प्रोफाइल से मेल खाते हैं। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि शक के दायरे में तीन रिटेल आउटलेट थे - शिवा सिम्स, नीतीश टेलीकॉम और शिवम टेलीकॉम। शुरुआती जांच से ही यह साफ हो गया था कि निर्दोष लोगों के नाम पर एक्टिवेट किए गए सिम स्थानीय और दूसरे राज्यों के साइबर फ्रॉड गिरोहों को सप्लाई किए जा रहे थे।

पुलिस के अनुसार, शिवम दिल्ली के बलजीत नगर का रहने वाला है और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर का है। उसके खिलाफ पहले भी पश्चिम विहार थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत एक मामला दर्ज है।

इनपुट: IANS

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