सुरेंद्रनाथ कॉलेज फंड गबन: तृणमूल नेता देवाशीष बंद्योपाध्याय को राहत नहीं, हाई कोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत
कोलकाता के प्रतिष्ठित सुरेंद्रनाथ कॉलेज में फंड गबन और अन्य गंभीर आरोपों का सामना कर रहे तृणमूल कांग्रेस नेता व वकील देवाशीष बंद्योपाध्याय को कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। समाचार एजेंसी IANS…
कोलकाता के प्रतिष्ठित सुरेंद्रनाथ कॉलेज में फंड गबन और अन्य गंभीर आरोपों का सामना कर रहे तृणमूल कांग्रेस नेता व वकील देवाशीष बंद्योपाध्याय को कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की अदालत ने बंद्योपाध्याय की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे उन पर गिरफ्तारी का खतरा बढ़ गया है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद देवाशीष बंद्योपाध्याय ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के वकील ने उनकी जमानत का पुरजोर विरोध किया। सरकार की ओर से दलील दी गई कि बंद्योपाध्याय इलाके के एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और उन्हें जमानत मिलने से मामले की निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।
राज्य सरकार ने क्यों किया जमानत का विरोध?
राज्य के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और इस मोड़ पर आरोपी को राहत देने से जांच एजेंसियों के काम में बाधा आ सकती है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि बंद्योपाध्याय अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सबूतों को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए उनकी याचिका खारिज की जानी चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष ने यह फैसला सुनाया।
क्या है सुरेंद्रनाथ कॉलेज का पूरा मामला?
यह मामला सुरेंद्रनाथ कॉलेज में वित्तीय अनियमितताओं और फंड के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है। जांच तब तेज हुई जब कॉलेज के यूनियन रूम से एक बंदूक और नकदी से भरे दो सूटकेस बरामद हुए थे। इस सिलसिले में मुचीपारा पुलिस स्टेशन ने पूर्व शासी निकाय सदस्य देवाशीष बंद्योपाध्याय और विक्रेता परितोष दत्ता के खिलाफ कॉलेज परिसर में अवैध रूप से कमरों पर कब्जा करने के आरोप में एक आपराधिक मामला दर्ज किया था। पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस के दो पदाधिकारियों पर शस्त्र अधिनियम, आपराधिक धमकी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गंभीर धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया है।
इनपुट: IANS



