कच्चा तेल 100 डॉलर पार, शेयर बाजार पर दबाव: सेंसेक्स और निफ्टी सपाट खुले
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँचने का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, गुरुवार को बाजार की शुरुआत लगभग सपाट…
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँचने का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, गुरुवार को बाजार की शुरुआत लगभग सपाट रही, लेकिन ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टरों में बिकवाली का दबाव साफ नजर आया। सुबह 9:23 बजे सेंसेक्स 36 अंक (0.05%) की मामूली गिरावट के साथ 74,727.96 पर था, जबकि निफ्टी 8.25 अंक (0.01%) फिसलकर 23,430.00 पर कारोबार कर रहा था।
विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल जैसे वैश्विक कारक बाजार की धारणा को कमजोर कर रहे हैं। ब्रेंट क्रूड का भाव 101 डॉलर के पार चला गया है और अमेरिका में 10-साल के बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 4.83 प्रतिशत हो गई है। इन वजहों से अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका बढ़ गई है, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल है।
सेक्टरों का मिला-जुला प्रदर्शन
गुरुवार के शुरुआती कारोबार में जहां एक ओर ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सूचकांक सबसे ज्यादा टूटे, वहीं दूसरी ओर बैंकिंग और एनर्जी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी ऑटो और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स टॉप लूजर्स में शामिल थे। इनके अलावा फार्मा, रियल्टी, मेटल और इंफ्रा सेक्टर भी लाल निशान में थे। इसके विपरीत, निफ्टी पीएसयू बैंक, ऑयल एंड गैस, एनर्जी और एफएमसीजी जैसे सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गई।
वैश्विक बाजारों का हाल
कमजोरी का यह रुख सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं है। ज्यादातर एशियाई बाजारों में भी गिरावट देखी गई, जिनमें टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, सियोल और जकार्ता के बाजार शामिल हैं। इससे पहले बुधवार को अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे। डॉव जोन्स में 0.77% और टेक्नोलॉजी फोकस्ड नैस्डैक में 0.64% की कमजोरी दर्ज की गई थी। बाजार जानकारों के अनुसार, अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक 100 डॉलर से ऊपर बनी रहती हैं, तो इसका असर भारत की जीडीपी वृद्धि और कंपनियों की कमाई पर पड़ सकता है।
इनपुट: IANS



