सोना-चांदी की कीमतों में लगातार पांचवें दिन गिरावट, जानें आज क्या हैं नए भाव
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा, जिससे शुक्रवार को दोनों कीमती धातुओं के दाम और नीचे आ गए। इस हफ्ते की शुरुआत से अब तक सोने में लगभग 2.5 प्रतिशत की कमी…
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा, जिससे शुक्रवार को दोनों कीमती धातुओं के दाम और नीचे आ गए। इस हफ्ते की शुरुआत से अब तक सोने में लगभग 2.5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ताजा गिरावट के बाद 24 कैरेट सोने का भाव 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे चला गया है, वहीं चांदी भी 1.95 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर से फिसल गई है।
सोने के अलग-अलग कैरेट के नए दाम
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने के दाम में 1,064 रुपये की कमी आई, जिससे इसका भाव 1,42,694 रुपये से घटकर 1,41,630 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। गौरतलब है कि इस हफ्ते की शुरुआत में यह 1,46,426 रुपये पर था।
अन्य शुद्धता वाले सोने की कीमतों पर भी इसका असर पड़ा है:
- 22 कैरेट सोना: इसका भाव 1,30,708 रुपये से गिरकर 1,29,733 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया।
- 18 कैरेट सोना: इसकी कीमत 1,07,021 रुपये से कम होकर 1,06,223 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई।
चांदी में भी बड़ी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट देखने को मिली। चांदी का भाव 5,362 रुपये घटकर 1,94,415 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया, जबकि पहले यह 1,99,777 रुपये प्रति किलो था। हाजिर बाजार के अलावा वायदा बाजार में भी गिरावट का यही रुख दिखा। खबर लिखे जाने तक, सोने का 4 दिसंबर, 2026 का वायदा कॉन्ट्रैक्ट 500 रुपये (0.35%) की गिरावट के साथ 1,42,809 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी का वायदा कॉन्ट्रैक्ट 3,993 रुपये (2%) गिरकर 1,95,606 रुपये प्रति किलो पर था।
क्यों गिर रहे हैं दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की बढ़ती उम्मीदों के चलते सोने पर दबाव बना हुआ है। उन्होंने बताया कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी और बॉन्ड यील्ड में उछाल के कारण सोने जैसी संपत्ति को रखने की अवसर लागत बढ़ जाती है, क्योंकि इस पर कोई रिटर्न नहीं मिलता। जानकारों के मुताबिक, अगले हफ्ते अमेरिकी फेडरल रिजर्व का नीतिगत फैसला एक अहम मोड़ साबित होगा और ब्याज दरों पर उसका रुख ही आने वाले समय में सोने की दिशा तय करेगा।
इनपुट: IANS



