अवैध विदेशी फंडिंग का मामला: ED ने मुंबई-दिल्ली में मेगा मिलेनियम के ठिकानों पर की छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दुबई और सिंगापुर से कथित तौर पर अवैध विदेशी फंड प्राप्त करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एजेंसी ने मेगा मिलेनियम प्राइवेट लिमिटेड से…
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दुबई और सिंगापुर से कथित तौर पर अवैध विदेशी फंड प्राप्त करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एजेंसी ने मेगा मिलेनियम प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मुंबई और दिल्ली स्थित आधा दर्जन परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान दफ्तरों, आवासीय संपत्तियों और महाराष्ट्र के कर्जत में एक फार्महाउस की भी जांच की गई।
यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई। शुक्रवार को एक अधिकारी ने बताया कि तलाशी के दौरान ईडी को करोड़ों रुपये की विदेशी और भारतीय मुद्रा के साथ-साथ कीमती सामान भी बरामद हुआ है। एजेंसी ने इस जांच से जुड़े डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
जांच के केंद्र में कंपनी के निदेशक
ईडी के बयान के मुताबिक, इस पूरे तलाशी अभियान के केंद्र में कंपनी के निदेशक और मुंबई स्थित सलाहकार हरीश देधिया थे। जांच में सामने आया है कि मेगा मिलेनियम और उसके निदेशकों, जिनमें हरीश देधिया और उनकी पत्नी धारा देधिया शामिल हैं, को दुबई और सिंगापुर की संदिग्ध कंपनियों से बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा मिली थी।
एजेंसी ने पाया कि देधिया ने अपने ही कर्मचारियों या फर्जी व्यक्तियों को निदेशक बनाकर कई कंपनियां बनाईं। इन कंपनियों के गठन के एक साल के भीतर ही उनमें सैकड़ों करोड़ रुपये आए, जिन्हें बाद में कई फर्जी संस्थाओं के जरिए आगे ट्रांसफर कर दिया गया।
एक अन्य मामले में IVF केंद्रों पर भी छापे
इसी बीच, महाराष्ट्र में एक दूसरे मामले में भी ईडी ने कार्रवाई की है। एजेंसी ने मानव अंडाणु (Human Oocyte) निकालने वाले एक रैकेट की जांच के सिलसिले में ठाणे, बारामती और नासिक में स्थित अस्पतालों और IVF केंद्रों सहित 10 जगहों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई 16 अक्टूबर को की गई थी।
ईडी के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय-II द्वारा की गई इस तलाशी में 29 लाख रुपये नकद और डिजिटल सबूत जब्त किए गए। यह जांच ठाणे के बदलापुर (पूर्व) पुलिस स्टेशन में दर्ज एक FIR और चार्जशीट के आधार पर शुरू हुई थी। इसमें मंजूषा वानखेड़े और 16 अन्य लोगों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और संबंधित कानूनों के उल्लंघन का आरोप है। एजेंसी के अनुसार, यह मामला एक संगठित नेटवर्क से जुड़ा है जो आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को अंडाणु दान के लिए भर्ती कर IVF केंद्रों को आपूर्ति करता था।
इनपुट: IANS



