मध्य पूर्व में तनाव: दक्षिण कोरिया ने अपने नागरिकों से क्षेत्र छोड़ने की अपील की
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनज़र दक्षिण कोरिया ने मध्य पूर्व में मौजूद अपने नागरिकों के लिए एक अहम यात्रा परामर्श जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सरकार ने लोगों से आग्रह…
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनज़र दक्षिण कोरिया ने मध्य पूर्व में मौजूद अपने नागरिकों के लिए एक अहम यात्रा परामर्श जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सरकार ने लोगों से आग्रह किया है कि अगर उनकी उपस्थिति बहुत ज़रूरी न हो, तो वे जल्द से जल्द इन देशों को छोड़ दें।
यह निर्णय रविवार को दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय द्वारा ईरान और इज़रायल समेत 17 राजनयिक मिशनों के अधिकारियों के साथ हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद लिया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में मौजूद दक्षिण कोरियाई नागरिकों और जहाजों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना था।
उच्च स्तरीय यात्रा चेतावनी
दक्षिण कोरिया की द्वितीय उप विदेश मंत्री किम जिना ने स्थिति की गंभीरता पर ज़ोर देते हुए कहा, "मार्च से अधिकांश मध्य पूर्वी देशों में स्तर-3 (लेवल-3) यात्रा सलाह लागू है, जिसके तहत आवश्यक न होने पर यात्रियों को वहां से लौटने की सलाह दी जाती है। इसलिए अल्पकालिक यात्रियों को बिना किसी ठोस कारण के वहां नहीं रुकना चाहिए और जल्द से जल्द वहां से निकल जाना चाहिए।"
समुद्री सुरक्षा पर भी ज़ोर
बैठक में लाल सागर क्षेत्र में नौपरिवहन की सुरक्षा को लेकर भी विशेष चिंता जताई गई। यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब से जुड़े हालिया सैन्य तनाव को देखते हुए, मंत्रालय ने लाल सागर में परिचालन कर रहे कोरियाई जहाजों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरिया से पहले भारत भी अपने नागरिकों के लिए इसी तरह की एडवाइज़री जारी कर चुका है। ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीयों को अगली सूचना तक ईरान की यात्रा स्थगित करने और वहां मौजूद लोगों को अस्थायी रूप से देश छोड़ने पर विचार करने की सलाह दी है। जॉर्डन में भी भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों से सतर्क रहने को कहा है।
इनपुट: IANS



