सोनम वांगचुक के अनशन को मिला राजनीतिक समर्थन, पवन खेड़ा और अरविंद केजरीवाल ने की मुलाकात
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से राजनीतिक दलों के नेताओं की मुलाकात का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य पवन खेड़ा…
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से राजनीतिक दलों के नेताओं की मुलाकात का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य पवन खेड़ा ने उनसे मुलाकात की और उनकी सेहत पर चिंता जताते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, खेड़ा ने वांगचुक और उनके सहयोगियों से कहा कि वे अपनी जान जोखिम में न डालें।
खेड़ा ने कहा, "मैंने उनसे कहा कि वे अपनी जान खतरे में न डालें, क्योंकि यह ऐसी सरकार नहीं है जो लोकतांत्रिक विरोध को सुनती हो और उस पर प्रतिक्रिया देती हो।" उन्होंने यह भी बताया कि गुरुवार को कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने भी सोशल मीडिया के जरिए चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि एक असंवेदनशील सरकार के सामने विरोध का ऐसा तरीका नहीं होना चाहिए जिससे आंदोलनकारियों की जान पर बन आए।
विपक्ष का बढ़ता समर्थन
पवन खेड़ा से एक दिन पहले, गुरुवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी वांगचुक से मिलने जंतर-मंतर पहुंचे थे। केजरीवाल ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के आंदोलन मंच से देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में सुधार की जोरदार वकालत की।
केजरीवाल ने कहा कि सोनम वांगचुक अपने लिए नहीं, बल्कि देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक पर चिंता जताते हुए कहा कि इन घटनाओं ने युवाओं के विश्वास को गहरी चोट पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मेहनत और प्रतिभा के भरोसे परीक्षा देते हैं, लेकिन पेपर लीक से उनका मनोबल टूट रहा है और व्यवस्था पर भरोसा कमजोर पड़ रहा है।
इनपुट: IANS



