जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई: सपा सांसद राजीव राय ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमज़ोर करने का आरोप लगाया
समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सरकार पर शिक्षा संस्थानों को मजबूत करने के…
समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सरकार पर शिक्षा संस्थानों को मजबूत करने के बजाय उन्हें गिराने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह उसकी कार्यशैली की पराकाष्ठा है। समाचार एजेंसी IANS से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के खिलाफ काम कर रही है।
यह पूरा विवाद सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट, मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, से जुड़ा है। रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने विश्वविद्यालय परिसर की 40 में से 38 इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया है, जिसके बाद यह राजनीतिक बहस तेज़ हो गई है।
सरकार पर शिक्षा विरोधी होने का आरोप
सपा सांसद ने कहा, "जहां बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, वहां की इमारतें गिराने की तैयारी की जा रही है।" उन्होंने आरोप लगाया कि यह वही सरकार है जो पेपर लीक और मूल्यांकन में गड़बड़ी जैसे मुद्दों पर गंभीरता से काम करने के बजाय शैक्षिक संस्थानों को नुकसान पहुंचाने में लगी है। राजीव राय के अनुसार, केंद्र सरकार एक योजना के तहत शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ कर रही है क्योंकि वह नहीं चाहती कि युवा शिक्षित होकर अपने अधिकारों की बात करें और सत्ता से सवाल पूछें। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में सवाल पूछना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन वर्तमान सरकार को सवाल पसंद नहीं हैं।"
आंदोलनरत छात्रों का समर्थन
राजीव राय ने विभिन्न मांगों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी सहानुभूति और समर्थन आंदोलनरत छात्रों के साथ है। उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की अपील का हवाला देते हुए छात्रों से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने और जीवन की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। सपा सांसद ने यह भी कहा कि अगर वे संसदीय समिति की बैठक में व्यस्त न होते, तो खुद छात्रों के बीच जंतर-मंतर पर मौजूद रहते।
संसद में उठाएंगे मुद्दा
राजीव राय ने आश्वासन दिया कि संसद का अगला सत्र शुरू होने पर वह इस मुद्दे को सदन में मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने कहा कि जिस न्याय व्यवस्था से लोगों को सबसे अधिक उम्मीद होती है, वहां से भी यदि छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो यह चिंता का विषय है। उन्होंने हाल ही में संसदीय कार्यों में अपनी सक्रिय भागीदारी के लिए मिले सम्मान का भी जिक्र किया और कहा कि यह सम्मान घोसी लोकसभा क्षेत्र की जनता का है, जिनके लिए वे काम करते रहेंगे।
इनपुट: IANS



