बुधवार, 22 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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सोनम वांगचुक अनशन तोड़ने को तैयार, लेकिन सरकार के सामने रखी यह अहम शर्त

शिक्षा सुधारों को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना उपवास समाप्त करने की इच्छा जताई है, लेकिन इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार से एक लिखित आश्वासन की मांग की है…

सोनम वांगचुक अनशन तोड़ने को तैयार, लेकिन सरकार के सामने रखी यह अहम शर्त
(फोटो: IANS)

शिक्षा सुधारों को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना उपवास समाप्त करने की इच्छा जताई है, लेकिन इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार से एक लिखित आश्वासन की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, वांगचुक चाहते हैं कि सरकार यह स्पष्ट भरोसा दे कि उनके आंदोलन में शामिल किसी भी युवा के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

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यह शर्त उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को संबोधित एक खुले पत्र में रखी है, जिसे उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किया। पत्र में बताया गया है कि दोनों मंत्री मंगलवार रात अस्पताल में उनसे मिले थे और अनशन तोड़ने का आग्रह किया था। वांगचुक के मुताबिक, मंत्रियों ने भरोसा दिलाया था कि सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रूप से विचार करेगी।

सरकार से लिखित आश्वासन की मांग

वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि जब तक आंदोलनकारी युवाओं की सुरक्षा को लेकर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, वह अपना अनशन जारी रखने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने लिखा, "मैं जीना चाहता हूं। मैं अपने छात्रों और शिक्षा के क्षेत्र में लौटना चाहता हूं, लेकिन जिन युवाओं के लिए यह आंदोलन शुरू हुआ, उनके हितों की अनदेखी करके ऐसा नहीं कर सकता।" उनकी मांग है कि सरकार स्पष्ट करे कि इन युवाओं के खिलाफ कोई बदले की भावना से कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, जिनका एकमात्र उद्देश्य एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग करना था।

युवाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन का उल्लेख

अपने पत्र में वांगचुक ने 20 जुलाई को हुए 'चलो संसद' मार्च का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की कथित सख्ती के बावजूद यह मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन छात्रों के खिलाफ कोई प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। वांगचुक ने यह भी अपील की कि आंदोलन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस आगे बल प्रयोग से बचे।

मंत्रियों और सांसदों की अपील

वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय मंत्रियों के साथ मुलाकात में उनकी प्रमुख मांगों पर चर्चा हुई। इनमें परीक्षा पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और शिक्षा व्यवस्था पर संसद में सार्थक चर्चा सुनिश्चित करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि चर्चा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार की बात भी सामने आई। इसके अलावा, विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने भी पत्र लिखकर और व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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