शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को अब ऐसे मिलेगी ₹1 करोड़ की सम्मान राशि, CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान
मध्य प्रदेश में अब कर्तव्य की राह में अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों को मिलने वाली एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता राशि पत्नी और माता-पिता के बीच बराबर बांटी जाएगी…
मध्य प्रदेश में अब कर्तव्य की राह में अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों को मिलने वाली एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता राशि पत्नी और माता-पिता के बीच बराबर बांटी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह महत्वपूर्ण घोषणा भोपाल में आयोजित 'राज्य स्तरीय पुलिस स्मृति दिवस परेड समारोह' के दौरान की। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस नए नियम के तहत सम्मान राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा शहीद की पत्नी को और शेष 50 प्रतिशत उनके माता-पिता को दिया जाएगा।
भोपाल के लाल परेड मैदान स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों को पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, "देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों पर देश को गर्व है।" उन्होंने इस फैसले को शहीदों के परिवारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक बताया।
नक्सलवाद से मुक्ति और नई चुनौतियां
अपने संबोधन में डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश 35 वर्षों से चले आ रहे नक्सलवाद के दंश से बाहर निकलने में सफल हुआ है। उन्होंने इस उपलब्धि में पुलिस बल के योगदान को अविस्मरणीय बताया। सीएम ने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सुरक्षा मजबूत हुई है, वरना पहले शहीदों की सूची बहुत लंबी हुआ करती थी। साथ ही, उन्होंने साइबर अपराध और नशीले पदार्थों की तस्करी को वर्तमान समय की बड़ी सुरक्षा चुनौतियां करार दिया।
प्रदेश भर में दी गई श्रद्धांजलि
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर प्रदेश के अन्य जिलों में भी शहीद पुलिसकर्मियों को याद किया गया। देवास पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद की मौजूदगी में शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसी तरह, बुरहानपुर की रेणुका पुलिस लाइन और छतरपुर में भी कार्यक्रम आयोजित हुए। छतरपुर में राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने शहीद स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि पुलिसकर्मी दिन-रात जनता की रक्षा के लिए तैनात रहते हैं और उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
इनपुट: IANS



