युद्धकालीन सैन्य कमान: दक्षिण कोरिया चाहता है जल्द वापसी, अमेरिका ने गिनाए बदलते सुरक्षा खतरे
दक्षिण कोरिया को युद्ध के समय अपनी सेना का नियंत्रण (OPCON) वापस सौंपने की प्रक्रिया पर अमेरिका ने सतर्क रुख दिखाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि…
दक्षिण कोरिया को युद्ध के समय अपनी सेना का नियंत्रण (OPCON) वापस सौंपने की प्रक्रिया पर अमेरिका ने सतर्क रुख दिखाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि हस्तांतरण की बुनियादी शर्तों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन कोरियाई प्रायद्वीप में सुरक्षा खतरों का स्वरूप तेज़ी से बदल रहा है। यह बयान उत्तर कोरिया द्वारा अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को तेज़ी से आगे बढ़ाए जाने की पृष्ठभूमि में आया है, जिसे लेकर अमेरिका चिंतित है।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने हाल ही में ज़ोर देकर कहा था कि युद्धकालीन सैन्य कमान उनके देश को जल्द से जल्द वापस मिलनी चाहिए। सोमवार को उन्होंने कहा, "युद्धकालीन सैन्य अभियान नियंत्रण जल्द दक्षिण कोरिया को वापस मिलना चाहिए। सोल क्षमतावान है और इस दिशा में अमेरिका के साथ बातचीत भी आगे बढ़ रही है।" ली प्रशासन की मंशा है कि यह प्रक्रिया 2030 में उनके कार्यकाल की समाप्ति से पहले पूरी हो जाए।
शर्तों पर असहमत दिख रहे सहयोगी देश
हालांकि, इस हस्तांतरण की समयसीमा और शर्तों को लेकर दोनों सहयोगी देशों के बीच मतभेद उभरते दिख रहे हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया दोनों देशों के बीच सहमत शर्तों पर ही आधारित है और कोई भी हस्तांतरण ज़रूरी शर्तें पूरी होने पर ही होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका इस प्रक्रिया के अंतिम परिणाम को लेकर पहले से कोई निष्कर्ष नहीं निकालना चाहता।
पिछले सप्ताह, दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सेना के प्रमुख जनरल जेवियर ब्रनसन ने वाशिंगटन में कहा था कि परिस्थितियाँ बदल गई हैं। उन्होंने उत्तर कोरिया के हालिया मिसाइल परीक्षणों का हवाला देते हुए संकेत दिया कि कमान हस्तांतरण के लिए नए मानकों की ज़रूरत पड़ सकती है। इसके जवाब में दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय की प्रवक्ता चुंग बिन-ना ने कहा था कि "यदि हस्तांतरण की शर्तें लगातार बदलती रहेंगी, तो इस लक्ष्य को हासिल करना कभी संभव नहीं हो पाएगा।"
क्या है युद्धकालीन सैन्य कमान?
यह अमेरिका और दक्षिण कोरिया के रक्षा गठबंधन का एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। 1950-53 के कोरियाई युद्ध के दौरान दक्षिण कोरिया ने युद्धकालीन अभियान नियंत्रण अमेरिका के नेतृत्व वाली संयुक्त राष्ट्र कमान को सौंप दिया था। 1994 में दक्षिण कोरिया ने शांतिकाल में अपनी सेना का नियंत्रण तो वापस ले लिया था, लेकिन युद्ध छिड़ने की स्थिति में सैन्य कमान अब भी अमेरिकी जनरल के नेतृत्व वाली संयुक्त सेना के पास ही रहती है। अब इसी अधिकार को पूरी तरह वापस लेने पर दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है।
इनपुट: IANS



