बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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एग्रीवोल्टाइक्स: क्या है यह तकनीक जो खेती के साथ बिजली बनाकर किसानों की आय दोगुनी कर सकती है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसी तकनीक की संभावनाओं पर जोर दिया है जो किसानों को एक ही जमीन पर खेती करने के साथ-साथ सौर ऊर्जा पैदा करने का मौका देती है। इसे एग्रीवोल्टाइक्स या एग्री-पीवी (Agri-PV)…

एग्रीवोल्टाइक्स: क्या है यह तकनीक जो खेती के साथ बिजली बनाकर किसानों की आय दोगुनी कर सकती है?
(फोटो: IANS)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसी तकनीक की संभावनाओं पर जोर दिया है जो किसानों को एक ही जमीन पर खेती करने के साथ-साथ सौर ऊर्जा पैदा करने का मौका देती है। इसे एग्रीवोल्टाइक्स या एग्री-पीवी (Agri-PV) कहा जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह तकनीक किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण समृद्धि को एक नई दिशा देने की क्षमता रखती है।

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समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और शिवराज सिंह चौहान के एक लेख को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा करते हुए यह बात कही। उन्होंने बताया कि एग्रीवोल्टाइक्स से किसानों को अतिरिक्त आय मिल सकती है, उनकी ऊर्जा लागत घट सकती है और फसल उत्पादकता भी बढ़ सकती है। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब भारत 21 से 23 अक्टूबर तक नई दिल्ली में सातवें एग्रीवोल्टाइक्स वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस की मेजबानी कर रहा है, जिसकी थीम 'पावरिंग द ग्लोबल साउथ' है।

किसानों के लिए कैसे फायदेमंद है एग्रीवोल्टाइक्स?

केंद्रीय मंत्रियों प्रह्लाद जोशी और शिवराज सिंह चौहान ने अपने लेख में बताया है कि एग्रीवोल्टाइक्स मॉडल किसानों को एक ही भूमि पर अपनी कृषि गतिविधियों को जारी रखते हुए स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन का अवसर देता है। इससे उनकी आय के स्रोत बढ़ते हैं और कृषि क्षेत्र की अनिश्चितताओं के बीच आर्थिक मजबूती मिलती है। यह मॉडल बिजली बेचकर अतिरिक्त आय तो देता ही है, साथ ही डीजल और खरीदी गई बिजली पर किसानों की निर्भरता भी कम करता है।

भारत में लगभग 86 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत हैं। यह तकनीक उन्हें कृषि उत्पादन और स्वच्छ ऊर्जा, दोनों से कमाई का एक अनूठा अवसर प्रदान कर सकती है। सरकार की प्रधानमंत्री-कुसुम योजना के अगले चरण में एग्रीवोल्टाइक्स को विशेष स्थान देने की भी तैयारी है, जिससे कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा उत्पादन को और गति मिलेगी।

फसलों की सुरक्षा और नए रोजगार के अवसर

एग्रीवोल्टाइक्स का एक और बड़ा फायदा यह है कि यह खेतों में एक सूक्ष्म-जलवायु (माइक्रोक्लाइमेट) बनाने में मदद करता है। इसके तहत लगे सोलर पैनल फसलों को अत्यधिक गर्मी, सूखे, तेज धूप और ओलावृष्टि जैसी प्रतिकूल मौसम स्थितियों से भी बचा सकते हैं। इसके अलावा, इसके व्यापक उपयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सौर पैनलों की स्थापना, रखरखाव और इससे जुड़ी कृषि सेवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर लोगों की जरूरत होगी।

हालांकि, मंत्रियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि इस मॉडल को सफल बनाने के लिए सही फसलों का चुनाव, पर्याप्त सिंचाई, पोषक तत्वों का प्रबंधन और ऐसा डिजाइन जरूरी है जो खेती के लिए जरूरी धूप को न रोके। उन्होंने कहा कि इसकी सफलता के लिए कृषि और ऊर्जा विभागों, राज्य सरकारों, अनुसंधान संस्थानों और स्थानीय निकायों के बीच बेहतर तालमेल अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।

इनपुट: IANS

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