IIT गांधीनगर में बनेगा सेमीकंडक्टर का 'समर्थ' हब, 10,000 से ज़्यादा लोगों को मिलेगी ट्रेनिंग
भारत को सेमीकंडक्टर उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ गुजरात में एक बड़ी पहल की जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, गांधीनगर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (I
भारत को सेमीकंडक्टर उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ गुजरात में एक बड़ी पहल की जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, गांधीनगर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) में 'सिलिकॉन एंड एडवांस्ड सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग रिसर्च एंड ट्रेनिंग हब' यानी 'समर्थ' की स्थापना की जाएगी। यह केंद्र अत्याधुनिक अनुसंधान और प्रशिक्षण का एक बड़ा प्लेटफॉर्म बनेगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए कुल 190 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है, जिसमें भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, गुजरात सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और IIT-गांधीनगर की भागीदारी है। संस्थान ने केंद्र के निर्माण और जरूरी संसाधनों की खरीद के लिए कंसल्टेंट्स की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, ताकि इसे जल्द से जल्द शुरू किया जा सके।
प्रोजेक्ट का लक्ष्य और प्रशिक्षण का दायरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने के विजन के अनुरूप, 'समर्थ' हब का मुख्य उद्देश्य एक विश्व स्तरीय वर्कफोर्स तैयार करना है। यह केंद्र अगले पांच वर्षों में 10,000 से अधिक लोगों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखता है।
इस योजना के तहत, अंडर-ग्रेजुएट, पोस्ट-ग्रेजुएट और पीएचडी कर रहे 5600 छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा, वोकेशनल कोर्स के 1500 टेक्नीशियन, सर्टिफिकेट कोर्स के 1000 लोग, 230 फैकल्टी मेंबर और उद्योगों में काम कर रहे 230 प्रोफेशनल्स को अपस्किलिंग का मौका मिलेगा। साथ ही, 2700 से अधिक स्कूली और कॉलेज के छात्रों को विशेष कार्यक्रमों के जरिए इस क्षेत्र से परिचित कराया जाएगा।
छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए अवसर
यह केंद्र इंजीनियरिंग छात्रों, प्रोफेसरों और सेमीकंडक्टर उद्योग के विशेषज्ञों के लिए अपने कौशल को उन्नत करने का एक प्रमुख स्थान होगा। यहां से प्रशिक्षण पाने वाले छात्र 'फैब-रेडी' बनेंगे, यानी वे सीधे सेमीकंडक्टर प्लांट में काम करने के लिए तैयार होंगे। छात्रों के लिए यहां मामूली शुल्क पर पढ़ाई की व्यवस्था होगी और विशेष शॉर्ट-टर्म सर्टिफिकेट कोर्स भी चलाए जाएंगे। IIT-गांधीनगर इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए गुजरात के अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) करने की तैयारी भी कर रहा है।
अत्याधुनिक सुविधाएं और लैब
समर्थ केंद्र अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यहां नैनो-फैब्रिकेशन और सीएमओएस प्रक्रिया के प्रशिक्षण की सुविधा होगी। साथ ही, डिवाइस प्रोसेस कैरेक्टराइजेशन लैब स्थापित की जाएगी, जहां इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और चिप बनाने की प्रक्रिया की जांच, टेस्टिंग और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, सेमीकंडक्टर प्रोसेस, डिवाइस डिजाइन, मॉडलिंग लैब और आईसी डिजाइन एवं प्रोटोटाइप लैब का भी निर्माण किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस संदर्भ में स्पष्ट किया है, "हमारा लक्ष्य केवल एक फैक्ट्री स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि संपूर्ण इकोसिस्टम बनाना है। भारत अब सेमीकंडक्टर की पूरी वैल्यू चेन पर फोकस कर रहा है, जिसमें डिजाइन इंजीनियर से लेकर मशीन निर्माता और लॉजिस्टिक्स तक के सभी स्तर शामिल हैं।" उन्होंने 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0' को इसी दिशा में एक बड़ा कदम बताया है, जिससे स्थानीय उद्योगों के लिए बड़े अवसर पैदा होंगे।
इनपुट: IANS



