पश्चिम बंगाल: पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की मौत, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 'जंगलराज' बताया
पश्चिम बंगाल के एक वरिष्ठ राजनेता और विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। समाचार एजेंसी IANS के…
पश्चिम बंगाल के एक वरिष्ठ राजनेता और विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि पश्चिम बंगाल में 'जंगलराज' कायम हो गया है।
वरिष्ठ तृणमूल कांग्रेस नेता आशीष बनर्जी का शव रविवार को बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित उनके आवास कार्यालय में मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की सभी एंगल से जांच कर रही है। मौत की असल वजह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी।
सांसद ने उठाए गंभीर सवाल
इमरान मसूद ने इस मौत पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल में जंगल राज कायम हो गया है। पश्चिम बंगाल में जिस तरह से हत्याएं और हिंसा हो रही है, वह देश के लिए चिंता की बात होनी चाहिए।" मसूद ने हैरानी जताते हुए कहा, "एक व्यक्ति जो 25 साल तक लगातार विधायक और पूर्व डिप्टी स्पीकर भी रहा, फांसी पर लटका मिला। उनके पास एक सुसाइड नोट भी मिला। वह असली है या नहीं, यह अलग बात होगी।"
TMC और BJP पर भी साधा निशाना
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि टीएमसी के कार्यकर्ता और सांसद राज्य में लूटपाट कर रहे हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने करीब 38 लोगों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई की है, जिससे साबित होता है कि बड़े पैमाने पर लूटपाट हो रही है। पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सली' वाले बयान पर टिप्पणी करते हुए मसूद ने कहा कि ऐसे कई लोग हैं जो धर्म या जाति के नाम पर समाज में जहर फैलाकर सिर्फ राजनीति करना चाहते हैं।
कौन थे आशीष बनर्जी?
आशीष बनर्जी पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक जाना-माना चेहरा थे। वह रामपुरहाट विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए। उन्होंने ममता बनर्जी सरकार में स्कूल शिक्षा, कृषि और आयुष विभागों के मंत्री के रूप में भी काम किया था। बाद में उन्हें पश्चिम बंगाल विधानसभा का डिप्टी स्पीकर भी बनाया गया था। उनकी मृत्यु की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता उनके कार्यालय के बाहर जमा हो गए।
इनपुट: IANS



