पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना लागू, करोड़ों लोगों को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा का लाभ
पश्चिम बंगाल के करोड़ों निवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा अब और बढ़ गया है। राज्य में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना 'आयुष्मान भारत' को रविवार से लागू कर दिया गया है…
पश्चिम बंगाल के करोड़ों निवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा अब और बढ़ गया है। राज्य में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना 'आयुष्मान भारत' को रविवार से लागू कर दिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना के साथ-साथ राज्य सरकार ने उन लोगों के लिए 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना' भी शुरू की है जो केंद्र की योजना के दायरे में नहीं आते हैं।
इन दोनों योजनाओं का आधिकारिक शुभारंभ कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में एक कार्यक्रम के दौरान हुआ। इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी मौजूद थे।
स्वास्थ्य योजनाओं का दायरा और लाभ
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना से राज्य के लगभग 1 करोड़ 43 लाख परिवारों, यानी करीब 6 करोड़ निवासियों को फायदा होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के हर निवासी को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त, राज्य के करीब 80 लाख अन्य निवासी मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कवर किए जाएंगे।
इन योजनाओं के तहत लाभार्थी देश भर के 38,604 सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे। पहले की स्वास्थ्य साथी योजना में जहां 1700 बीमारियों का इलाज मिलता था, वहीं अब नई योजनाओं में 1950 तरह की बीमारियों का इलाज कवर होगा।
घुटने का प्रत्यारोपण और सस्ती दवाएं
एक महत्वपूर्ण सुविधा के तौर पर घुटने के प्रत्यारोपण (Knee Transplant) की सर्जरी को फिर से स्वास्थ्य बीमा में शामिल किया गया है। तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकार की 'स्वास्थ्य साथी' योजना में यह सुविधा अनियमितताओं के आरोपों के बाद बंद कर दी गई थी, जिसे बाद में कुछ शर्तों के साथ शुरू किया गया था। अब यह सुविधा आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना दोनों में उपलब्ध होगी।
इसके अलावा, राज्य सरकार ने लोगों को सस्ती दरों पर दवाएं और चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराने के लिए 'अमृत फार्मेसी' खोलने की भी पहल की है। राज्य के 10 सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में ये फार्मेसी खोली जाएंगी, जहां 50 से 80 प्रतिशत तक की छूट पर दवाएं मिलेंगी। इसके लिए राज्य सरकार ने हिंदुस्तान लाइफ केयर लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए हैं।
गौरतलब है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 2018 में आयुष्मान भारत योजना शुरू की थी, लेकिन पिछली राज्य सरकार के विरोध के कारण यह बंगाल में लागू नहीं हो सकी थी।
इनपुट: IANS



