सेमीकॉन 2026: भारत में 10 अरब डॉलर के निवेश की उम्मीद, कंपनियों में उत्साह का माहौल
भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को लेकर देश और दुनिया की कंपनियों में जबरदस्त उत्साह दिख रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, 'सेमीकॉन 2026' कार्यक्रम के दौरान इस क्षेत्र में करीब 10 अरब…
भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को लेकर देश और दुनिया की कंपनियों में जबरदस्त उत्साह दिख रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, 'सेमीकॉन 2026' कार्यक्रम के दौरान इस क्षेत्र में करीब 10 अरब डॉलर के निवेश और कई महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) की उम्मीद जताई जा रही है। यह रुझान भारत को सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का एक बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
लिंडे इंडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर मिलंद साधुखान ने बताया कि उद्योग जगत में निवेश और नई परियोजनाओं को लेकर काफी तेज़ी देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी सेमीकंडक्टर क्षेत्र के कई वैश्विक दिग्गजों के साथ-साथ पैकेजिंग, टेस्टिंग और असेंबली जैसी सुविधाएं स्थापित करने की तैयारी कर रहे नए खिलाड़ियों के साथ भी संपर्क में है।
सरकार की नीतियों से बना सकारात्मक माहौल
मिलंद साधुखान के मुताबिक, इस उत्साह के पीछे केंद्र सरकार की प्रोत्साहन योजनाएं और कई राज्यों की ओर से मिल रहा सहयोग एक बड़ी वजह है। उन्होंने कहा, "केंद्र द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं को राज्यों की ओर से सुविधाएं उपलब्ध कराने में दिखाई जा रही रूचि आने वाले समय में इस क्षेत्र की विकास यात्रा को और गति दे सकती है।" इस तालमेल से निवेशकों के लिए एक सकारात्मक और सहायक माहौल बन रहा है।
ओडिशा बन रहा नया केंद्र
इस विकास में ओडिशा एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। साधुखान ने कटक और भुवनेश्वर के बीच लगभग 178 एकड़ में प्रस्तावित नए औद्योगिक और सेमीकंडक्टर केंद्र की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के शुरुआती चरण में ही निवेश और कई एमओयू सामने आए हैं। उन्होंने इस सिलसिले में ओडिशा के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर राज्य में सेमीकंडक्टर और औद्योगिक विकास पर चर्चा भी की।
साधुखान ने कहा कि लिंडे इंडिया ओडिशा में औद्योगिक गैस की एक प्रमुख सप्लायर है और कंपनी इस नए विकास में सक्रिय रूप से जुड़ना चाहती है। उन्होंने राज्य सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि निवेशकों को जमीन और जरूरी बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता से यहां उद्योग स्थापित करना आसान हो सकता है। कंपनी ने गोपालपुर में एक जमीन भी सुरक्षित कर ली है और कटक में भी अवसरों पर बात चल रही है।
इनपुट: IANS



