फ्रांस और सऊदी अरब के बीच रणनीतिक साझेदारी होगी और मज़बूत, राष्ट्रपति मैक्रों ने किया ऐलान
फ्रांस और सऊदी अरब ने निवेश, प्रौद्योगिकी और बड़ी परियोजनाओं के माध्यम से अपने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने पर सहमति जताई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह फैसला सऊदी क्राउन…
फ्रांस और सऊदी अरब ने निवेश, प्रौद्योगिकी और बड़ी परियोजनाओं के माध्यम से अपने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने पर सहमति जताई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह फैसला सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की फ्रांस की आधिकारिक यात्रा के दौरान लिया गया, जहाँ उन्होंने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की।
इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राष्ट्रपति मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की फ्रांस यात्रा एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच दोनों देश शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।
साझेदारी का भविष्य
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि यह साझेदारी सिर्फ़ बातचीत तक सीमित नहीं, बल्कि ठोस कार्यों पर आधारित है। उन्होंने इस संदर्भ में बड़े प्रोजेक्ट्स, अत्याधुनिक तकनीकें, निवेश और पेरिस में आयोजित ईडब्ल्यूसी जैसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों का जिक्र किया। मैक्रों ने कहा, "हमने पहले ही साथ मिलकर बहुत कुछ हासिल किया है और भविष्य में हम इससे भी आगे जा सकते हैं।"
फ्रांस की विदेश नीति
यह बैठक फ्रांस द्वारा अपने सहयोगी देशों के साथ संबंधों को मज़बूत करने की व्यापक कोशिशों का हिस्सा है। इसी क्रम में फ्रांस ने हाल ही में यूक्रेन के साथ भी अपने सहयोग को मज़बूत किया था। राष्ट्रपति मैक्रों ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से फोन पर बात की थी। इस बातचीत के दौरान यूक्रेन को उपकरण और मिसाइलें भेजने की प्रक्रिया तेज़ करने तथा मिसाइल उत्पादन के लिए लाइसेंस देने पर सहमति बनी थी। जेलेंस्की ने शनिवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया था कि उन्होंने मैक्रों को हालिया हमलों की जानकारी दी और एयर डिफेंस सिस्टम को यूक्रेन की सबसे बड़ी ज़रूरत बताया।
इनपुट: IANS



