कर्नाटक: किसानों की सब्सिडी वाली यूरिया की कालाबाज़ारी का पर्दाफाश, 1400 बोरियां जब्त
कर्नाटक के कलबुर्गी में कृषि अधिकारियों ने किसानों को मिलने वाली सब्सिडी युक्त यूरिया खाद की कथित कालाबाजारी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, कापनूर…
कर्नाटक के कलबुर्गी में कृषि अधिकारियों ने किसानों को मिलने वाली सब्सिडी युक्त यूरिया खाद की कथित कालाबाजारी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, कापनूर औद्योगिक क्षेत्र में एक गोदाम पर छापा मारकर यूरिया की लगभग 1400 बोरियां जब्त की गईं, जिन्हें कथित तौर पर दोगुने दाम पर बेचने के लिए अवैध रूप से जमा किया गया था।
कृषि विभाग, तहसीलदार और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर इस गोदाम पर छापा मारा। अधिकारियों ने मौके से भारी मात्रा में यूरिया का स्टॉक जब्त कर गोदाम को सील कर दिया है और संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सब्सिडी वाली यूरिया की रीपैकिंग
प्रशासन को शक है कि किसानों के लिए आई सब्सिडी वाली यूरिया को यहाँ औद्योगिक उपयोग के लिए रीपैक किया जा रहा था। कृषि विभाग की सतर्कता शाखा की सहायक निदेशक कविता ने बताया कि मौके पर तीन-चार अलग-अलग कंपनियों की बोरियों के अलावा सादे सफेद बैग भी मिले, जिन पर 'टेक्निकल ग्रेड यूरिया' लिखा था। यह ग्रेड केवल उद्योगों में इस्तेमाल होता है।
कविता ने IANS को बताया, "हमें शिकायत मिली थी कि यहां कुछ अवैध खाद जमा है, जिसमें सब्सिडी वाली यूरिया की बोरियां भी हैं। हमें यह भी बताया गया था कि कुछ बोरियों पर सब्सिडी का निशान नहीं है और यूरिया को पूरी तरह से सफेद बोरियों में भरा जा रहा है। इसलिए हम यहां आए और यहां सब्सिडी वाली यूरिया की बड़ी मात्रा मिली, 1,000 से ज्यादा, लगभग 1,400 बोरी, हालांकि अभी सटीक गिनती पूरी नहीं हुई है।"
बिना लाइसेंस का गोदाम
जांच में यह भी सामने आया है कि गोदाम के पास खाद भंडारण का कोई लाइसेंस नहीं था। कविता ने कहा, "मेरी जानकारी से इस गोदाम को लाइसेंस नहीं दिया गया है। यहां पर कोई नाम भी नहीं है कि कौन सा गोदाम है और कौन सी खाद है। जो यूरिया किसानों को दी जानी चाहिए, उसकी यहां इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए रीपैकिंग हो रही थी।"
इनपुट: IANS



