होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का शिकंजा, नियम तोड़ने वाले जहाजों को जब्ती की चेतावनी
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले समुद्री जहाजों के लिए नियमों को और सख्त कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी…
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले समुद्री जहाजों के लिए नियमों को और सख्त कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (पीजीएसए) ने रविवार को चेतावनी जारी की है कि जो भी जहाज ईरानी नियमों का उल्लंघन करेंगे, उन्हें भविष्य में इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने पर प्रतिबंधित किया जा सकता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी एक बयान में पीजीएसए ने स्पष्ट किया कि उल्लंघन करने वाले जहाजों पर जुर्माना लगाया जा सकता है, उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है, या फिर उन्हें जब्त भी किया जा सकता है। प्राधिकरण ने व्यापारियों और कंपनियों को सलाह दी है कि वे किसी भी जहाज को किराए पर लेने से पहले उसकी वेबसाइट पर 'नियमों का पालन न करने वाले जहाजों' की सूची की जाँच अवश्य कर लें, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
संसदीय समिति ने दी शुल्क वसूलने की मंजूरी
इसी बीच, ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति ने भी एक मसौदा प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से विभिन्न सेवाओं के लिए शुल्क वसूला जाएगा। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार, समिति के प्रवक्ता हसन कशकावी ने बताया कि रविवार को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इस प्रस्ताव के तहत नौवहन, पर्यावरण, विशेष परिस्थितियों में ईंधन भरने, बीमा और सुरक्षा जैसी सेवाओं के लिए शुल्क लिया जाएगा। यह कदम 28 फरवरी को ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण और कड़ा करने के बाद उठाया गया है, जब उसने ईरानी क्षेत्र पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद इन देशों से जुड़े जहाजों के सुरक्षित आवागमन पर रोक लगा दी थी।
ट्रंप का पूर्व बयान और ईरान का रुख
यह घटनाक्रम पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान की पृष्ठभूमि में भी देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को 'अमेरिका का क्षेत्र' बताया था। दक्षिण कैरोलिना में एक चुनावी रैली के दौरान उन्होंने कहा था कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने बिना कोई कानूनी आधार बताए यह दावा किया था और कहा था कि ईरान के साथ तनाव का असर उनके घरेलू आर्थिक एजेंडे पर पड़ रहा है।
इनपुट: IANS



