ससून डॉक: शरद पवार ने मुख्यमंत्री फडणवीस को पत्र लिख माँगा हस्तक्षेप, मछुआरों के भविष्य पर चिंता जताई
मुंबई के ऐतिहासिक ससून डॉक पर मछुआरों, व्यापारियों और मजदूरों को हो रही समस्याओं को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने चिंता जताई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार…
मुंबई के ऐतिहासिक ससून डॉक पर मछुआरों, व्यापारियों और मजदूरों को हो रही समस्याओं को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने चिंता जताई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्यसभा सांसद पवार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और एक समयबद्ध समाधान निकालने की मांग की है।
अपने पत्र में, पवार ने इस बात पर जोर दिया कि ससून डॉक सिर्फ एक बंदरगाह नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के पारंपरिक मछली पकड़ने के व्यवसाय की एक महत्वपूर्ण विरासत है। उन्होंने कहा कि यहां की समस्याएं हजारों परिवारों के रोजगार, आजीविका और भविष्य से सीधे तौर पर जुड़ी हैं, इसलिए इन्हें केवल प्रशासनिक या ढांचागत मामलों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
क्या हैं ससून डॉक की मुख्य समस्याएँ?
पवार ने यह कदम 'ससून डॉक फिशिंग पोर्ट रेस्क्यू एक्शन कमेटी' के प्रतिनिधियों से मुलाकात और 28 अगस्त को खुद डॉक का दौरा करने के बाद उठाया। अपने दौरे के दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी परेशानियों को समझा। कमेटी ने कई गंभीर मुद्दे उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- गोदाम खाली करने का नोटिस: नवंबर 2025 में मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (MbPA) द्वारा मछुआरों, व्यापारियों और मजदूरों को गोदामों से हटाने का मुद्दा सबसे प्रमुख है।
- किराए पर विवाद: महाराष्ट्र मत्स्योद्योग विकास महामंडळ (MFFDC) और MbPA के बीच गोदाम के किराए और प्रबंधन को लेकर पुराना विवाद है।
- अधूरे फैसले: 12 जून 2015 को लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय को अब तक पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है।
- धीमा विकास: विकास कार्यों के लिए फंड मंजूर होने के बावजूद काम की गति बहुत धीमी है।
- मरम्मत की सुविधा नहीं: मछली पकड़ने वाली नावों की मरम्मत के लिए जरूरी जेटी की कमी भी एक बड़ी समस्या है।
पवार ने मुख्यमंत्री से की यह अपील
शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आग्रह किया है कि वे व्यक्तिगत रूप से इस मामले की समीक्षा करें। उन्होंने संबंधित विभागों की एक बैठक बुलाने और इन सभी लंबित मुद्दों पर ठोस व सकारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि हजारों लोगों की आजीविका को सुरक्षित किया जा सके।
इनपुट: IANS



