संसद में पप्पू यादव का 'भगवा' प्रदर्शन: BJP और VHP ने विपक्ष पर साधा निशाना, बताया 'सनातन का अपमान'
संसद परिसर में राम मंदिर चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के भगवा वस्त्र पहनकर किए गए प्रदर्शन पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। समाचार एजेंसी IANS के…
संसद परिसर में राम मंदिर चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के भगवा वस्त्र पहनकर किए गए प्रदर्शन पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इस विरोध प्रदर्शन को भगवान राम, सनातन धर्म और संत परंपरा का अपमान बताते हुए विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोला है।
इस प्रदर्शन के बाद भाजपा और विहिप के कई नेताओं ने एक सुर में पप्पू यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत पूरे विपक्ष को घेरा। उनका आरोप है कि यह विरोध प्रदर्शन हिंदू आस्था को ठेस पहुंचाने और मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति का हिस्सा है।
भाजपा का चौतरफा हमला
भोपाल में भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव और पप्पू यादव ने भगवान राम के चित्र व भगवा वस्त्रों का अपमान किया है। उन्होंने आरोप लगाया, "भगवान राम के चित्र को जमीन पर रखने और संतों का वेश धारण कर प्रदर्शन करने से यह स्पष्ट होता है कि इन नेताओं के मन में सनातन धर्म के प्रति कोई आस्था नहीं है।" वहीं, उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे ने कहा कि जो लोग पहले राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, वे अब राजनीतिक लाभ के लिए रामभक्ति का दिखावा कर रहे हैं।
अहमदाबाद में भाजपा प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने सवाल उठाया कि क्या विपक्ष किसी अन्य धर्म के बारे में ऐसा प्रदर्शन करने का साहस दिखा सकता है? उन्होंने इसे राजनीतिक लाभ के लिए सनातन धर्म का मजाक उड़ाने की कोशिश बताया। भाजपा सांसद नरेश बंसल ने भी इसे करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की आस्था को चोट पहुंचाने वाला कदम करार दिया।
विहिप और साध्वी की प्रतिक्रिया
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेता सुरेंद्र जैन ने गुरुग्राम में इस प्रदर्शन को "बेहद शर्मनाक" बताया। उन्होंने कहा कि संत का वेश धारण कर विरोध करना हिंदू आस्था का अपमान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह जारी रहा तो व्यापक जनआंदोलन होगा और कानूनी कार्रवाई की भी मांग की जाएगी। जैन ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने से पहले धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल अनुचित है।
वरिष्ठ नेता साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि विरोध संविधान के दायरे में होना चाहिए। उन्होंने कहा, "भगवा वस्त्र धारण कर साधु का वेश बनाना और फिर इस प्रकार का प्रदर्शन करना संत परंपरा का अपमान है।"
जांच पर भरोसे की सलाह
कई नेताओं ने इस मामले में चल रही जांच का भी हवाला दिया। लखनऊ में भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित एसआईटी मामले की जांच कर रही है और विपक्ष को प्रक्रिया पर भरोसा करना चाहिए। साध्वी निरंजन ज्योति ने भी कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया है और कार्रवाई जारी है, इसलिए प्रदर्शन की बजाय जांच के नतीजों का इंतजार करना चाहिए।
इनपुट: IANS



