मंगलवार, 21 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

NEET विवाद: विपक्ष ने संसद में विस्तृत चर्चा की मांग की, गृह मंत्री अमित शाह से जवाब तलब

नीट और सीबीएसई परीक्षाओं से जुड़े विवादों को लेकर देश भर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब संसद में भी गूंज रहा है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सदन में विस्तृ…

NEET विवाद: विपक्ष ने संसद में विस्तृत चर्चा की मांग की, गृह मंत्री अमित शाह से जवाब तलब
(फोटो: IANS)

नीट और सीबीएसई परीक्षाओं से जुड़े विवादों को लेकर देश भर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब संसद में भी गूंज रहा है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सदन में विस्तृत चर्चा की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, विपक्ष का आरोप है कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

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विपक्ष की संसद में रणनीति

राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस गंभीर विषय पर संसद में पूरी चर्चा चाहता है। उन्होंने मांग की कि चर्चा के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में बयान दें और अन्य पार्टियों के फ्लोर लीडर्स को भी अपनी बात रखने का मौका दिया जाए। खड़गे ने सरकार के रवैये की आलोचना करते हुए कहा, "मैंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में सरकार का ऐसा तरीका पहले कभी नहीं देखा।" उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने वाला कदम बताया।

कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देशभर से दिल्ली पहुंचे छात्रों की मांगें जायज थीं, लेकिन उनके शांतिपूर्ण विरोध को रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने इस मामले पर संसद में स्थगन प्रस्ताव दिया है, जिसमें लाठीचार्ज की निंदा, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक मामलों में स्पष्ट कार्रवाई की मांग शामिल है। वेणुगोपाल ने सवाल किया, "छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया और प्रदर्शनकारियों का अपराध क्या था?"

सरकार पर युवा-विरोधी होने का आरोप

विपक्षी दलों ने एकजुट होकर सरकार पर छात्र और युवा विरोधी होने का आरोप लगाया। के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि जब देश के छात्र अपने भविष्य से जुड़े गंभीर सवाल उठा रहे हैं, तब सरकार को उनकी समस्याओं पर संवेदनशीलता से विचार करना चाहिए और जवाबदेही तय करनी चाहिए। इसी तरह, कांग्रेस सांसद उम्मेदा राम बेनीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी जिद पर अड़ी हुई है, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हो रही है और कीमती समय बर्बाद हो रहा है।

अन्य विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना की। आरएसपी सांसद एन.के. प्रेमचंद्रन ने कहा कि मौजूदा हालात से साफ है कि सरकार युवाओं की आवाज और विरोध को दबाना चाहती है। वहीं, सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन को लोगों की बढ़ती नाराजगी का परिणाम बताते हुए कहा कि सरकार समस्याओं को हल करने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास कर रही है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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