सहारनपुर: 119 साल पुरानी मस्जिद गिराए जाने के मामले की जांच करेगा सपा का 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित एक सदी से भी ज़्यादा पुरानी मस्जिद को गिराए जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने इस घटना की जांच के लिए एक 16…
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित एक सदी से भी ज़्यादा पुरानी मस्जिद को गिराए जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने इस घटना की जांच के लिए एक 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है, जो 6 सितंबर को सहारनपुर का दौरा करेगा। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर गठित यह दल मौके की स्थिति का जायजा लेगा और मंडलायुक्त (कमिश्नर) से मुलाकात करेगा।
यह कार्रवाई 5 सितंबर की सुबह हुई, जब सिविल कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए प्रशासन ने 119 वर्ष पुरानी मस्जिद को बुलडोजर से ढहा दिया। सपा ने दावा किया है कि इससे ठीक एक दिन पहले, 4 सितंबर की शाम को, जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि मस्जिद को केवल सील किया जाएगा, गिराया नहीं जाएगा।
जांच कर पार्टी को रिपोर्ट सौंपेगा दल
सपा की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह प्रतिनिधिमंडल पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति जानने और तथ्यों को जुटाने के लिए सहारनपुर जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर जानकारी इकट्ठा करेगा और अपनी विस्तृत रिपोर्ट पार्टी के प्रदेश कार्यालय को सौंपेगा। पार्टी ने प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल?
इस उच्च-स्तरीय जांच दल का नेतृत्व उत्तर प्रदेश विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल में सांसद, विधायक और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं। प्रमुख सदस्यों में सांसद हरेंद्र मलिक, सांसद इकरा हसन, राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रुद्रसैन, पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान, विधायक अतुल प्रधान, विधायक आशु मलिक, विधायक उमर अली, विधायक रामऔतार सैनी और एमएलसी किरन पाल कश्यप हैं। इनके अलावा, सपा जिलाध्यक्ष चौधरी अब्दुल वाहिद, महानगर अध्यक्ष हाजी नवाब अंसारी, पूर्व विधायक गयास अली, राहुल भारती, मांगेराम कश्यप और जिया चौधरी भी दल का हिस्सा हैं।
इनपुट: IANS



