नोएडा: सीवर सफाई के दौरान सफाईकर्मी की मौत, जूनियर इंजीनियर बर्खास्त, ठेकेदार पर FIR
नोएडा में एक बार फिर सीवर लाइन की सफाई के दौरान एक सफाईकर्मी की जान चली गई, जिससे प्राधिकरण के सुरक्षा दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना के बाद नोएडा प्राधिकरण ने सख्त कदम उठाते हुए एक जूनिय
नोएडा में एक बार फिर सीवर लाइन की सफाई के दौरान एक सफाईकर्मी की जान चली गई, जिससे प्राधिकरण के सुरक्षा दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना के बाद नोएडा प्राधिकरण ने सख्त कदम उठाते हुए एक जूनियर इंजीनियर को सेवा से बर्खास्त कर दिया है और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना 14 जुलाई 2026 को सेक्टर-93बी और गेझा गांव के पास टी-पॉइंट पर हुई। मृतक सफाईकर्मी की पहचान शिवा के रूप में हुई है, जो गहरी सीवर लाइन में ब्लॉकेज खोलने के लिए मैनहोल में उतरे थे। प्राधिकरण ने अपने बयान में दावा किया है कि शिवा ने सेफ्टी बेल्ट और ऑक्सीजन मास्क जैसे सभी सुरक्षा उपकरण पहने हुए थे।
क्या हुआ था घटना के दिन?
प्राधिकरण के अनुसार, जब कुछ समय बाद फील्ड स्टाफ ने शिवा को ऊपर खींचने की कोशिश की, तो वे मैनहोल के अंदर मौजूद तारों में फंस गए। इसके बाद स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्राधिकरण ने की बड़ी कार्रवाई
इस दुखद घटना के बाद नोएडा प्राधिकरण ने कई स्तरों पर कार्रवाई की है।
- ठेकेदार पर एक्शन: संविदाकार कंपनी एम/एस शिवजी कंस्ट्रक्शन्स के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं और उसे ब्लैकलिस्ट करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
- अधिकारियों पर गाज: मामले से जुड़े संविदा पर कार्यरत जूनियर इंजीनियर (अवर अभियंता) राकेश कुमार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। इसके अलावा, संबंधित प्रबंधक को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है और वरिष्ठ प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
- परिवार को मदद: प्राधिकरण ने मृतक शिवा के परिवार को नियमों के अनुसार हरसंभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया है।
मशीनों से सफाई के दावों पर सवाल
यह घटना नोएडा प्राधिकरण के उन दावों पर सवाल उठाती है, जिनमें बार-बार कहा जाता है कि शहर में सीवर की सफाई पूरी तरह मशीनों से की जाती है। केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, सफाईकर्मियों को जान जोखिम में डालकर सीवर में उतरना पड़ रहा है। पिछले कुछ सालों में नोएडा और एनसीआर क्षेत्र में इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई सफाईकर्मी अपनी जान गंवा चुके हैं।
इनपुट: IANS



