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कोलकाता: सरकारी गवाह बनने की अर्जी देने वाले कारोबारी जॉय कामदार पर धोखाधड़ी का एक और केस

जमीन हड़पने के कई मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके कोलकाता के व्यवसायी जॉय कामदार के खिलाफ धोखाधड़ी का एक नया मामला दर्ज किया गया है। यह शिकायत ऐसे समय में सामने आई है…

कोलकाता: सरकारी गवाह बनने की अर्जी देने वाले कारोबारी जॉय कामदार पर धोखाधड़ी का एक और केस
(फोटो: IANS)

जमीन हड़पने के कई मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके कोलकाता के व्यवसायी जॉय कामदार के खिलाफ धोखाधड़ी का एक नया मामला दर्ज किया गया है। यह शिकायत ऐसे समय में सामने आई है, जब कामदार ने ईडी की जांच में सरकारी गवाह (अप्रूवर) बनने की पेशकश की है।

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समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, नई शिकायत में जॉय कामदार और उनके भाई तुषार कामदार पर बिजनेस में हिस्सेदारी का झांसा देकर एक व्यक्ति के साथ जालसाजी करने का आरोप लगा है। शिकायत के आधार पर दोनों भाइयों और उनकी कंपनी 'सन कंस्ट्रक्शन्स' के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

क्या है नया मामला?

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कामदार बंधुओं ने उन्हें एक हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए महंगी जमीन का इंतजाम करने पर कुल मुनाफे में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का वादा किया था। इस वादे के बाद शिकायतकर्ता ने कोलकाता के नेपाल भट्टाचार्य स्ट्रीट पर एक प्रॉपर्टी का सौदा तय कराया और एक लिखित समझौता भी हुआ।

आरोप है कि उस जमीन पर निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद अब जॉय और तुषार कामदार समझौते की शर्तों से मुकर गए हैं। शिकायत के मुताबिक, वे अब बेहद मामूली रकम देकर शिकायतकर्ता को बाहर करने की कोशिश कर रहे हैं और धोखे से पूरी प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लिया है।

सरकारी गवाह बनने की कोशिश

यह मामला उस वक्त सामने आया है जब जॉय कामदार ने ईडी के सामने सरकारी गवाह बनने की अर्जी दी है। उनके वकील ने कोलकाता की एक विशेष पीएमएलए (PMLA) अदालत में इस संबंध में औपचारिक आवेदन भी दाखिल किया है। अदालत ने इस प्रस्ताव पर ईडी को अपना पक्ष रखने के लिए 25 अगस्त तक का समय दिया है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि एजेंसी उनकी मांग स्वीकार करेगी या नहीं।

जॉय कामदार को इस साल अप्रैल में जमीन हड़पने के एक बड़े गठजोड़ के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। जांचकर्ताओं का दावा है कि इस सिंडिकेट में जमीन माफिया सरगना बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू और कोलकाता पुलिस के पूर्व डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास भी शामिल हैं, जिन्हें मई में हिरासत में लिया गया था।

इनपुट: IANS

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News4Social पश्चिम बंगाल डेस्क

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