शिरोमणि अकाली दल ने PM मोदी से की तीन बड़ी मांगें, कुरुक्षेत्र में सिख म्यूजियम के लिए आभार जताया
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता संजीत सिंह सनी गिल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष सिख समुदाय से जुड़े तीन महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने सज़ा पूरी…
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता संजीत सिंह सनी गिल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष सिख समुदाय से जुड़े तीन महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने सज़ा पूरी कर चुके सिख कैदियों की रिहाई, करतारपुर कॉरिडोर को फिर से खोलने और पंजाब का कर्ज माफ करने की अपील की। इसके साथ ही, उन्होंने कुरुक्षेत्र में सिख म्यूजियम की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
शिअद के वाइस प्रेसिडेंट गिल ने कहा कि कुरुक्षेत्र में प्रस्तावित सिख संग्रहालय सिख समुदाय के इतिहास, बलिदान और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा। उनके अनुसार, यह संग्रहालय न केवल सिखों के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा, जिससे युवा अपनी परंपराओं और देश के प्रति समुदाय के योगदान को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
बंदी सिखों की रिहाई और करतारपुर कॉरिडोर
गिल ने केंद्र सरकार से उन सिख कैदियों को रिहा करने की मांग की जो अपनी सजा पूरी करने के बावजूद जेलों में बंद हैं। उन्होंने कहा, “ऐसे बंदियों की रिहाई उनका कानूनी अधिकार है और सरकार को इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाना चाहिए।” उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि प्रधानमंत्री अपने पंजाब दौरे पर बंदी सिखों की रिहाई की घोषणा करते हैं, तो इससे पंजाब के लोगों की भावनाओं का सम्मान होगा।
इसके अलावा, उन्होंने पाकिस्तान स्थित श्री करतारपुर साहिब गुरुद्वारे तक जाने वाले कॉरिडोर को फिर से खोलने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इसके बंद होने से देश-विदेश के श्रद्धालुओं को अपने पवित्र तीर्थ के दर्शन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
पंजाब की आर्थिक स्थिति और कर्ज माफी की मांग
अकाली दल के नेता ने पंजाब की बिगड़ती आर्थिक स्थिति का मुद्दा भी उठाया। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि आतंकवाद के दौर में राज्य पर भारी वित्तीय बोझ पड़ा था, जो ब्याज के कारण अब बहुत बढ़ गया है। गिल ने तर्क दिया कि आतंकवाद केवल पंजाब का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा था, जिसकी कीमत राज्य ने चुकाई। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि इस ऐतिहासिक संदर्भ को देखते हुए पंजाब का कर्ज माफ किया जाए, ताकि राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके और विकास कार्यों को गति मिल सके।
इनपुट: IANS



