शनिवार, 18 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

सोनम वांगचुक के समर्थन में सुप्रिया सुले, NEET पेपर लीक पर केंद्र को 'असंवेदनशील' बताया

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे लाखों छात्रों के साथ हुआ गंभीर अन्याय बताया है। समाचार एजेंसी…

सोनम वांगचुक के समर्थन में सुप्रिया सुले, NEET पेपर लीक पर केंद्र को 'असंवेदनशील' बताया
(फोटो: IANS)

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे लाखों छात्रों के साथ हुआ गंभीर अन्याय बताया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर उन्होंने लद्दाख के लिए आंदोलनरत सोनम वांगचुक और कार्यकर्ता अभिजीत दिपके से मुलाकात की और उनके विरोध प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया।

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सुले ने सोनम वांगचुक के अनशन पर सरकार के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह असंवेदनशीलता दिखा रही है। उन्होंने कहा, "वांगचुक देश के लिए एक अनमोल व्यक्ति हैं। सत्ता पक्ष के किसी व्यक्ति को उनसे बात करने के लिए पहुंचना चाहिए था, लेकिन किसी ने भी आने की जहमत नहीं उठाई।"

अनशन खत्म करने की अपील

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर सुप्रिया सुले ने वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए उनसे आमरण अनशन समाप्त करने का आग्रह किया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वांगचुक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और केंद्र से बातचीत की अपनी मांगों पर अडिग हैं। सुले ने कहा कि उनके इस समर्थन को उनके संसदीय क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने सराहा है।

अन्य राजनीतिक मुद्दों पर राय

इस दौरान सुले ने कई अन्य राजनीतिक मसलों पर भी अपनी पार्टी का रुख साफ किया। उन्होंने प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष इसके मौजूदा स्वरूप का कड़ा विरोध करता है और इस पर व्यापक चर्चा की जरूरत है। 'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर उन्होंने कहा कि इस पर अभी चर्चा चल रही है, जबकि परिसीमन विधेयक पर आधिकारिक मसौदा आने से पहले कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

पारिवारिक और राजनीतिक मुलाकातें

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपनी हालिया मुलाकात का बचाव करते हुए सुले ने इसे संघीय व्यवस्था की एक सामान्य जरूरत बताया। उन्होंने कहा, "हम जनता के प्रतिनिधि हैं। जनता के काम के लिए अलग-अलग दलों के मंत्रियों से मिलना पड़ता है।"

पवार परिवार में सुलह की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए उन्होंने कहा कि यह उनके दिवंगत भाई अजित पवार की आखिरी इच्छा थी कि परिवार और दोनों गुट फिर से एक हो जाएं। सुले ने कहा, "यह प्रस्ताव पूरी तरह उनकी तरफ से आया था... हालांकि, दूसरी तरफ से आए जवाब और सार्वजनिक बयानों से साफ हो गया कि वे साथ आने के इच्छुक नहीं हैं। अब जब मेरे भाई नहीं रहे हैं, तो हम इस चर्चा को खत्म कर रहे हैं। यह अध्याय आधिकारिक रूप से बंद हो चुका है।"

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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