भारत-अफ्रीका संबंध: जयशंकर के दौरे से घाना, आइवरी कोस्ट और इथियोपिया के साथ साझेदारी को मिली नई मजबूती
भारत ने अफ्रीका के साथ अपने संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की हालिया पांच दिवसीय यात्रा ने घाना, कोट डी आइवर (आइवरी कोस्ट) और इथियोपिया के सा…
भारत ने अफ्रीका के साथ अपने संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की हालिया पांच दिवसीय यात्रा ने घाना, कोट डी आइवर (आइवरी कोस्ट) और इथियोपिया के साथ द्विपक्षीय सहयोग को नई गति दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 6 से 10 अक्टूबर तक चली इस यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा और प्रौद्योगिकी समेत कई अहम क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर व्यापक चर्चा हुई।
यह यात्रा भारत की उस कूटनीतिक पहल का हिस्सा है, जिसके तहत अफ्रीकी देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया जा रहा है। इसका एक बड़ा प्रमाण G20 में भारत की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्य का दर्जा दिलाने में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका थी, जिसे घाना ने विशेष रूप से सराहा।
घाना: रक्षा से लेकर कृषि तक सहयोग
घाना में विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति जॉन द्रामानी महामा से मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। यहां दोनों देशों ने शिक्षा और कृषि अनुसंधान में सहयोग के लिए दो समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी बयान के मुताबिक, जयशंकर ने अपने समकक्ष सैमुअल ओकुडजेटो अबलाक्वा के साथ व्यापार, निवेश, दवा उद्योग और रक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत की। भविष्य में सहयोग के लिए दवा, खनन, रेलवे और डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों की पहचान की गई। अपनी यात्रा के दौरान जयशंकर ने 'भारत, घाना और ग्लोबल साउथ' विषय पर एक व्याख्यान भी दिया और अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस के लिए घाना का स्वीकृति पत्र प्राप्त किया।
कोट डी आइवर: व्यापार और सुरक्षा पर जोर
कोट डी आइवर में एस. जयशंकर ने राष्ट्रपति अलासाने औटारा से मुलाकात कर एक मजबूत और दीर्घकालिक साझेदारी के साझा दृष्टिकोण पर चर्चा की। दोनों देशों के बीच 1.5 अरब डॉलर से अधिक का द्विपक्षीय व्यापार है, जिसे निवेश और स्थानीय विनिर्माण के जरिए और बढ़ाने पर सहमति बनी। उप प्रधानमंत्री तेने बिराहिमा औटारा के साथ बैठक में रक्षा और सुरक्षा सहयोग की बढ़ती संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। कृषि, स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक और ऊर्जा को सहयोग के अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया गया।
इथियोपिया: रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा
अपनी यात्रा के अंतिम चरण में जयशंकर इथियोपिया पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री अबी अहमद अली से मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री मोदी का एक व्यक्तिगत संदेश सौंपा। यहां उन्होंने अपने समकक्ष गेदियोन टिमोथेवोस के साथ व्यापार, निवेश, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य, रक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे विविध क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। भारत ने इथियोपिया के लिए फॉरेंसिक विज्ञान, महिला एवं बाल विकास और मीडिया प्रशासन में विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की पेशकश की। साथ ही, 2024 में 450 लोगों को लाभ पहुंचाने वाले जयपुर कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर का अगला संस्करण आयोजित करने की घोषणा भी की गई।
इनपुट: IANS



