कश्मीर में जल्द माहौल सामान्य होने के आसार, सरकार ने उठाया यह कदम

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जम्मू और कश्मीर के मुख्य सचिव बी वी आर सुब्रह्मण्यम ने शुक्रवार को कहा कि स्थानीय निवासियों के लिए संचार सुविधाओं में ढील दी जायेगी।

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अगले कुछ दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होने की संभावना है। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार कर्फ्यू के हटने के बाद वे नागरिक विरोध प्रदर्शनों के लिए तैयार हैं।

केंद्र ने रविवार से लैंडलाइन सेवाओं को फिर से शुरू करने का फैसला किया है, जबकि स्कूलों के सोमवार को फिर से खुलने की उम्मीद है। इससे पहले, जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने सरकारी कार्यालयों को शुक्रवार से काम शुरू करने की अनुमति दी थी।

श्रीनगर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए, जम्मू-कश्मीर मामलों के लिए जिम्मेदार वरिष्ठ नौकरशाह सुब्रह्मण्यम ने केंद्र द्वारा उठाए गए उपायों का बचाव करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में “पाकिस्तान द्वारा अस्थिर करने के प्रयासों” को विफल करने के लिए सरकार का यह कदम जरूरी था।

सुब्रह्मण्यम ने कहा कि श्रीनगर में शनिवार तक जीवन सामान्य हो जाएगा और बीएसएनएल अपने सभी एक्सचेंजों में लैंडलाइन सुविधाओं को शुरू कर देगा।
आर्टिकल 370 और राज्य के द्विभाजन के तहत जम्मू और कश्मीर की विशेष स्थिति हटाने के बाद संचार लाइनें काट दी गईं थी और कर्फ्यू लगा दिया गया था।

इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को धारा 370 को रद्द करने और जम्मू-कश्मीर में लगाए गए प्रतिबंधों को चुनौती देने वाले कई मामलों की सुनवाई स्थगित कर दी।

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली एक विशेष पीठ और न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और एस ए नजीर की पीठ ने अधिवक्ता एम एल शर्मा ने अपनी याचिका में कहा कि 5 अगस्त का राष्ट्रपति का आदेश दोषपूर्ण योग्य नहीं था। गोगोई ने कहा, “मैंने आधे घंटे तक आपकी याचिका को पढ़ने की कोशिश की, लेकिन कुछ समझ नहीं पाया। आप इस तरह की याचिका कैसे दायर कर सकते हैं?”

विशेष पीठ के समक्ष शुक्रवार सुबह सूचीबद्ध एक अन्य मामला, कश्मीर टाइम्स की कार्यकारी संपादक, अनुराधा भसीन द्वारा दायर किया गया था। इस याचिका में भसीन ने संचार की बहाली की मांग की गयी थी।’

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भसीन की ओर से पेश एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने कहा कि पत्रकारों को अपने काम को अंजाम देने के लिए संचार माध्यमों की जल्द बहाली की जरूरत है। आर्टिकल 370 के प्रावधानों को हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अनुराधा भसीन की याचिका के अलावा वकील एमएल शर्मा ने भी याचिका दायर की थी।