झारखंड: रांची में बनेगा 4189 करोड़ का 'रिम्स-2', हेमंत सोरेन कैबिनेट ने कई बड़ी परियोजनाओं को दी हरी झंडी
झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में रांची में विश्वस्तरीय मेडिकल कॉलेज और अस्पताल 'रिम्स-2' के निर्
झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में रांची में विश्वस्तरीय मेडिकल कॉलेज और अस्पताल 'रिम्स-2' के निर्माण की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे दी गई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस विशाल परियोजना पर 4189.42 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
इस परियोजना के प्रभावी प्रबंधन और निगरानी के लिए एक विशेष 'जागृति प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट' (पीएमयू) का गठन भी किया जाएगा। सरकार ने इस पहल में अकादमिक संस्थानों को भी महत्वपूर्ण भूमिका दी है। आईआईएम रांची जहां 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के तौर पर सहयोग करेगा, वहीं इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभाव का आकलन करने की जिम्मेदारी जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विसेज (XISS), रांची को सौंपी गई है।
प्रशासनिक और कल्याणकारी निर्णय
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 27 प्रस्तावों को स्वीकृति मिली। इनमें एक अहम फैसला 'एकल प्रशासनिक पदाधिकारी' व्यवस्था को लागू करना है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाना है। यह व्यवस्था उन प्रखंडों और अंचलों में लागू होगी, जहां 12 से कम पंचायतें हैं। इसके तहत, राज्य के 53 अंचलों में सीओ-सह-बीडीओ और 54 प्रखंडों में बीडीओ-सह-सीओ के पद सृजित किए जाएँगे। हालांकि, 164 बड़े प्रखंडों में बीडीओ और सीओ के पद पहले की तरह अलग-अलग ही रहेंगे।
कैबिनेट ने राज्य में मनरेगा व्यवस्था को समाप्त कर उसकी जगह 'विकसित भारत- जी-राम-जी' योजना लागू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इस नई योजना का लक्ष्य आदिम जनजाति समूहों के लिए अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।
अन्य महत्वपूर्ण स्वीकृतियां
निवेश और जल समझौता: झारखंड में निवेश को आकर्षित करने के लिए 8 और 9 जुलाई को नई दिल्ली में 'नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन 2026' का आयोजन होगा, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री स्वयं करेंगे। साथ ही, बिहार के साथ बाणसागर परियोजना के तहत सोन नदी के जल बंटवारे के फार्मूले को भी मंजूरी मिल गई है, जिससे राज्य को सिंचाई के लिए अपने हिस्से का पूरा पानी मिल सकेगा।
सड़क और बुनियादी ढांचा: राज्य में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए कई परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है। इनमें दुमका-साहेबगंज सड़क को 221 करोड़ की लागत से दो-लेन का बनाना, साहेबगंज और पाकुड़ में सड़कों व पुलों के लिए क्रमशः 88 करोड़ और 128 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति तथा चतरा के सिमरिया-टंडवा मार्ग के लिए 33 करोड़ रुपये की मंजूरी शामिल है। राजधानी रांची में बिरसा चौक से धुर्वा गोलचक्कर तक की सड़क का भी कायाकल्प किया जाएगा, जिस पर साइकिल ट्रैक और अन्य जनसुविधाएं विकसित होंगी।
मेला और सरकारी नौकरी: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के लिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु 28 अस्थायी और 19 यातायात ओपी (आउटपोस्ट) के गठन को मंजूरी दी गई है, जो 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक सक्रिय रहेंगे। इसके अलावा, सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अब नवनियुक्त कर्मचारियों को जॉइनिंग के समय 'निष्ठा और गोपनीयता की शपथ' लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
इनपुट: IANS



