तो क्या वोटों की खेती करने के लिए बाहर आ रहा है डेरा सच्चा सौदा प्रमुख “राम रहीम”

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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरप्रीत राम रहीम, ये वो नाम है जो कि तकरीबन 2 बरस पहले यही कि 2017 में अपने करतूतों की वजह से जेल की सलाखों के पीछे चला गया. दो साध्वियों के यौन शोषण समेत कई गंभीर मामलों में इसे आजीवन कारावास समेत 15-15 लाख रूपये जुर्माना इसे सीबीआई की विशेष अदालत ने सजा की थी. 

लेकिन अब राजनीतिक हलकों समेत प्रशासनिक स्तर पर ये खबर आ रही है राम रहीम को पैरोल देने की तैयारी की जा रही है, और जेल प्रशासन को खत लिखकर राम रहीम ने खेती करने के लिए पैरोल की मांग की है, तो ऐसे में यह सवाल उठने लाज़मी है कि आखिर इस वक़्त राम रहीम को खेती के लिए बाहर आने की बात क्यों हो रही है. 

इसी साल है हरियाणा में चुनाव 

इस साल अक्टूबर में हरियाणा के विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में राम-रहीम का प्रभाव तकरीबन दो दर्जन जिलों पर इतना है कि वो किसी भी पार्टी को चुनाव जितवाने के लिए काफी होगी. अब सत्ता में आने के लिए किसी प्रभावशाली व्यक्ति की आवश्यकता तो पड़ती ही है. ऐसे में राम-रहीम का नाम महत्वपूर्ण हो जाता है. 

वैसे तो लोकसभा चुनावों में राम-रहीम का प्रभाव नही पड़ सका क्योंकि इन प्रभाव वाले जिलों में तकरीबन 10 हज़ार वोटर्स पर ही इसका प्रभाव था लेकिन अब चूँकि विधानसभा चुनावों में इतनी वोट संख्या से काफी प्रभाव पड़ जाता है तो ये सवाल तो जहन में उठना लाज़मी है कि क्या अब वोटों की खेती करने राम-रहीम को जेल से बाहर लाया जा रहा है?