शनिवार, 4 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: RSS की कार्रवाई की मांग पर गरमाई सियासत, पक्ष-विपक्ष आमने-सामने

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाहक दत्तात्रेय होसबोले द्वारा कार्रवाई की मांग किए जाने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक रूप से गरमा गया है।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: RSS की कार्रवाई की मांग पर गरमाई सियासत, पक्ष-विपक्ष आमने-सामने
(फोटो: IANS)

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाहक दत्तात्रेय होसबोले द्वारा कार्रवाई की मांग किए जाने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक रूप से गरमा गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस मांग के बाद सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के साथ-साथ विभिन्न संगठनों ने भी तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं, जिससे मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई को लेकर बहस तेज हो गई है।

विज्ञापन

विपक्षी दलों ने जहां मामले की निष्पक्ष जांच और बड़े लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, वहीं सत्ता पक्ष ने सरकार द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई का हवाला देते हुए आश्वासन दिया है। इस बीच, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) जैसे संगठनों ने भी घटना पर दुख जताते हुए न्याय की उम्मीद जताई है।

विपक्ष ने उठाए सरकार की मंशा पर सवाल

विपक्षी नेताओं ने मामले की जांच को लेकर संदेह व्यक्त किया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उपाध्यक्ष तनवीर हसन ने कहा, "सबसे पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि क्या राम मंदिर में चोरी हुई है या नहीं। यह सवाल कोई मुस्लिम नहीं उठा रहा, बल्कि हिंदुत्व का समर्थन करने वाले लोग ही इस विषय को उठा रहे हैं।" उन्होंने इसे एक "दिखावा" करार दिया। वहीं, सीपीआई (एम) के पूर्व सांसद हन्नान मोल्लाह ने आरोप लगाया कि भगवान के नाम पर हुई इस बड़ी लूट पर एक सप्ताह तक किसी बड़े नेता ने प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने आशंका जताई कि "छोटे लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा, जबकि बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जाएगी।" शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी कहा कि मुख्य आरोपी को अब भी बचाया जा रहा है।

भाजपा और सहयोगी दलों का पक्ष

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने इसे "अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला" बताते हुए सरकार की सक्रियता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "जैसे ही मामला सामने आया, सरकार ने तत्काल एसआईटी का गठन किया, एफआईआर दर्ज कराई और गिरफ्तारी भी की गई।" उन्होंने लोगों को निश्चिंत रहने और सरकार पर भरोसा रखने की अपील की। जनता दल (यूनाइटेड) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने घटना को "अत्यंत दुखद" बताते हुए कहा कि भगवान राम के प्रति देशवासियों की गहरी श्रद्धा के कारण लोगों में नाराजगी है।

संघ और विहिप की प्रतिक्रिया

आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि हिंदू समाज दत्तात्रेय होसबोले के साथ खड़ा है और करोड़ों लोग इस मामले में जल्द न्याय का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों से इस पर राजनीति न करने की अपील की। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी घटना को दुखद बताया। उन्होंने कहा, "राम मंदिर के लिए साढ़े बारह करोड़ से अधिक लोगों द्वारा दिए गए दान का प्रसाद चोरी हुआ, जिससे सभी को दुख पहुंचा है। यह गलत हुआ है और विश्व हिंदू परिषद भी इसे स्वीकार करती है।"

इनपुट: IANS

N

News4Social वायर डेस्क

News4Social वायर डेस्क, समाचार एजेंसी IANS से लाइसेंस-प्राप्त खबरें प्रकाशित करता है। इन रिपोर्ट्स की मूल जानकारी एजेंसी से आती है, जिसे हमारी संपादकीय टीम तथ्यों की जाँच के बाद News4Social की स्पष्ट व सहज भाषा-शैली में संपादित एवं पुनर्लिखित करती है — ताकि पाठकों को भरोसेमंद और पठनीय समाचार मिलें। प्रत्येक रिपोर्ट में मूल स्रोत IANS का श्रेय दिया जाता है; तस्वीरें: IANS। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →