राम मंदिर चढ़ावा विवाद: कांग्रेस ने की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग, कहा - 'लीपापोती नहीं चलेगी'
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अयोध्या के राम मंदिर में हुए चढ़ावा विवाद की केवल औपचारिक जांच को नाकाफी बताते हुए इसकी उच्चस्तरीय और न्यायिक जांच की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अन
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अयोध्या के राम मंदिर में हुए चढ़ावा विवाद की केवल औपचारिक जांच को नाकाफी बताते हुए इसकी उच्चस्तरीय और न्यायिक जांच की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि यह मामला सिर्फ़ चोरी का नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसकी लीपापोती नहीं की जानी चाहिए।
सिन्हा ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अगर दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का विश्वास प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि जांच को केवल एसआईटी तक सीमित रखने से लोगों के मन में सवाल बने रहेंगे। कांग्रेस की मांग है कि पूरी पारदर्शिता के साथ इस कथित चोरी के मास्टरमाइंड का पता लगाया जाए और उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई हो।
प्रधानमंत्री की नैतिक ज़िम्मेदारी
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गए पत्र का समर्थन करते हुए राकेश सिन्हा ने कहा कि यह पत्र करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री को इस विषय पर अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।" उन्होंने इसे भगवान श्रीराम की मर्यादा और करोड़ों लोगों की आस्था का सवाल बताया।
विधायकों की खरीद-फरोख्त पर भाजपा पर निशाना
तमिलनाडु में विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त के मामले पर राकेश सिन्हा ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों से सत्ता हासिल करने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रभावित करने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा हैं और जनता के जनादेश का अनादर करती हैं।
अन्य राजनीतिक मुद्दे
विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखते हुए राकेश सिन्हा ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता, आरएसएस प्रमुख के बयान और कांग्रेस में संगठनात्मक बदलावों पर भी बात की।
- चुनाव आयोग: उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए ताकि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनी रहे।
- आरएसएस प्रमुख का बयान: मोहन भागवत के 'शरणार्थी नहीं, योद्धा' वाले बयान पर उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को अपने राजनीतिक बयानों में इसी भावना का सम्मान करना चाहिए और सरकार को इस पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
- पंजाब कांग्रेस: मनीष तिवारी को पंजाब कांग्रेस की नई समिति में जगह न मिलने पर उन्होंने इसे संगठन की जरूरत के अनुसार जिम्मेदारियों का सामान्य पुनर्वितरण बताया।
- जमशेदपुर घटना: जमशेदपुर में हुई घटना पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तेजी से कार्रवाई की है और ऐसे मामलों में राजनीति करने की बजाय न्याय सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने अमरनाथ यात्रा के सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी के संभावित विलय की चर्चाओं को फिलहाल अटकलबाजी करार दिया।
इनपुट: IANS



