सोमवार, 14 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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LAC पर चीनी सेना घटी, पर LoC पर बढ़ा संघर्ष विराम उल्लंघन: रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट

रक्षा मंत्रालय ने साल 2025 के लिए देश की सीमाओं पर सुरक्षा स्थिति को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस रिपोर्ट में उत्तरी सीमा पर चीन की सैन्य…

LAC पर चीनी सेना घटी, पर LoC पर बढ़ा संघर्ष विराम उल्लंघन: रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट
(फोटो: IANS)

रक्षा मंत्रालय ने साल 2025 के लिए देश की सीमाओं पर सुरक्षा स्थिति को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस रिपोर्ट में उत्तरी सीमा पर चीन की सैन्य तैनाती में कमी से लेकर नियंत्रण रेखा (LoC) पर बढ़े तनाव और ड्रोन घुसपैठ की चुनौतियों तक का पूरा ब्योरा दिया गया है।

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रिपोर्ट का एक अहम पहलू यह है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी सेना की मौजूदगी में साल 2025 के दौरान एक महत्वपूर्ण कमी दर्ज की गई। एलएसी और पारंपरिक प्रशिक्षण क्षेत्रों में चीन की लगभग 10 संयुक्त हथियार ब्रिगेड के बराबर की टुकड़ियां तैनात रहीं। इसके जवाब में भारतीय सेना ने भी सभी इलाकों में अपनी मजबूत और रणनीतिक रूप से उपयुक्त तैनाती बनाए रखी। मंत्रालय के मुताबिक, भारत और चीन के बीच लगातार चली राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य स्तर की बातचीत से सीमा पर स्थिरता कायम रखने में मदद मिली।

नियंत्रण रेखा (LoC) पर बढ़ी चुनौतियां

एक तरफ जहाँ एलएसी पर स्थिति कुछ शांत हुई, वहीं नियंत्रण रेखा (LoC) पर संघर्ष विराम उल्लंघन के मामलों में तेज उछाल देखा गया। साल 2025 में ऐसे कुल 163 मामले सामने आए, जबकि 2024 में यह संख्या सिर्फ दो थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि इनमें से 124 उल्लंघन 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान हुए, जो इस अवधि में सीमा पर बढ़े तनाव को दर्शाता है। इसी दौरान, आतंकियों ने घुसपैठ की छह कोशिशें कीं, जिन्हें नाकाम करते हुए 12 पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया गया।

जम्मू-कश्मीर और ड्रोन का खतरा

जम्मू-कश्मीर के भीतरी इलाकों में भी आतंकवाद के खिलाफ अभियान जारी रहे, जिसमें सुरक्षाबलों ने कुल 19 आतंकियों को ढेर किया। इनमें आठ पाकिस्तानी आतंकी थे, जो इस क्षेत्र में पाकिस्तान की भूमिका की ओर इशारा करता है। इसके अलावा, सीमा पार से ड्रोन घुसपैठ एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। साल 2025 में ड्रोन घुसपैठ के कुल 863 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 854 पंजाब और राजस्थान में और 9 जम्मू-कश्मीर में थे। सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई में 237 ड्रोन मार गिराए। इनमें से 72 ड्रोन ड्रग्स और 5 ड्रोन हथियारों जैसी सामग्री ले जा रहे थे, जबकि 161 खाली थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन गतिविधियों से पता चलता है कि दुश्मन देश निगरानी के साथ-साथ हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा रहा है। सुरक्षाबलों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से दो एके-47 राइफलें, 75 पिस्तौल और 281.41 किलोग्राम प्रतिबंधित सामग्री भी बरामद की है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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