पश्चिम बंगाल में डेंगू का तेज़ी से बढ़ता प्रकोप, 5000 से ज़्यादा मामले, कई इलाके हॉटस्पॉट घोषित
पश्चिम बंगाल में इस साल डेंगू के मामलों में तेज़ उछाल देखने को मिला है, जहाँ अब तक 5,000 से ज़्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, चिंताजनक स्थिति को देखते हुए…
पश्चिम बंगाल में इस साल डेंगू के मामलों में तेज़ उछाल देखने को मिला है, जहाँ अब तक 5,000 से ज़्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, चिंताजनक स्थिति को देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण के कई केंद्रों की पहचान की है, जिन्हें 'हॉटस्पॉट' घोषित कर दिया गया है। इन हॉटस्पॉट में 29 नगर पालिकाएं, 85 कम्युनिटी डेवलपमेंट ब्लॉक और 278 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
विभाग ने बताया कि पिछले महीने डेंगू के ज़्यादातर मामले इन्हीं इलाकों से सामने आए थे, जिसके चलते यहाँ निगरानी और जाँच बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्यकर्मी इन क्षेत्रों में गहन और रैंडम ब्लड सैंपल टेस्ट पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
कैसे तय हो रहे हैं डेंगू हॉटस्पॉट?
एक स्वास्थ्य अधिकारी के मुताबिक, हॉटस्पॉट की पहचान के लिए एक स्पष्ट फॉर्मूला अपनाया जा रहा है। अगर किसी ग्राम पंचायत में 10 या उससे ज़्यादा मरीज़ मिलते हैं, तो उसे हॉटस्पॉट माना जाता है। इसी तरह, 30 से ज़्यादा मामलों वाले कम्युनिटी ब्लॉक और ज़्यादातर वार्डों में 5 या अधिक मरीज़ों वाली नगर पालिकाओं को भी हॉटस्पॉट की श्रेणी में रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की चिंता और अपील
अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि हॉटस्पॉट इलाकों में कई लोग दो-तीन दिन बुखार रहने पर डॉक्टर से सलाह लेने की बजाय खुद ही दवा ले लेते हैं, जिससे संकट और गहरा रहा है। इसे रोकने के लिए विभाग बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चला रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे दो या ज़्यादा दिन तक लगातार बुखार रहने पर नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र में ब्लड टेस्ट कराएँ और खुद दवा लेने से बचें।
इसके अलावा, स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर डेंगू से बचाव के तरीकों के बारे में भी जानकारी दे रहे हैं। लोगों को पानी की टंकियों को ढककर रखने और गमलों या पुराने डिब्बों में पानी जमा न होने देने की सलाह दी जा रही है। साथ ही, तालाबों, नालियों और खाली पड़े कुओं में लार्वा को मारने वाली दवाओं का छिड़काव भी किया जा रहा है।
संक्रमण के ताज़ा आँकड़े
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताज़ा बुलेटिन के मुताबिक, 11 सितंबर तक राज्य में डेंगू से प्रभावित लोगों की कुल संख्या 5,002 थी। गौर करने वाली बात यह है कि अगस्त में इसी तारीख तक यह आँकड़ा 2,500 से कम था, जिसका मतलब है कि सिर्फ एक महीने में 2,500 से ज़्यादा नए मामले सामने आए हैं। आँकड़ों के अनुसार, मुर्शिदाबाद (1,072), कोलकाता (500) और उत्तरी 24 परगना (450) ज़िले सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं।
इनपुट: IANS



