राज्यसभा: छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष का भारी हंगामा, हंगामे के बीच MSME संशोधन विधेयक पेश
संसद के मानसून सत्र में मंगलवार को भी राज्यसभा की कार्यवाही विपक्षी दलों के हंगामे की भेंट चढ़ गई। प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग के मुद्दे पर विपक्ष के सांसदों ने जोरदार…
संसद के मानसून सत्र में मंगलवार को भी राज्यसभा की कार्यवाही विपक्षी दलों के हंगामे की भेंट चढ़ गई। प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग के मुद्दे पर विपक्ष के सांसदों ने जोरदार नारेबाजी की, जिसके कारण सदन का कामकाज बार-बार बाधित हुआ। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसी शोर-शराबे के बीच केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री जीतन राम मांझी ने एक महत्वपूर्ण विधेयक सदन के पटल पर रखा।
मंगलवार सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया और नारेबाजी करने लगे। हंगामे के चलते पहले कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। लेकिन जब सदन दोबारा शुरू हुआ, तब भी विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
शोर-शराबे के बीच पेश हुआ विधेयक
लगातार हो रहे हंगामे के बीच, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006 में संशोधन के लिए प्रस्ताव पेश करने की अनुमति मांगी। अनुमति मिलने के बाद उन्होंने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 को सदन में पेश कर दिया। हालांकि, इसके बाद भी सदन में व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी।
सदन में जारी हंगामे को देखते हुए, अंततः राज्यसभा की कार्यवाही को बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। यह लगातार दूसरा हफ्ता है जब मानसून सत्र में हंगामे के कारण राज्यसभा का विधायी कामकाज प्रभावित हुआ है।
अन्य विधायी कार्य भी प्रभावित
विपक्ष के विरोध का असर अन्य विधेयकों पर भी पड़ा है। इससे पहले, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राष्ट्र-गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पर विचार और पारित करने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन शोर-शराबे के कारण उस पर भी चर्चा नहीं हो सकी। उधर, मंगलवार को लोकसभा में दोपहर बाद लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू हुई।
इनपुट: IANS



