राहुल गांधी के संबोधन पर हंगामे के बाद कांग्रेस का प्रदर्शन, आज भी संसद में टकराव के आसार
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने से रोकने के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी के सांसद बुधवार को हुए हंगामे…
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने से रोकने के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी के सांसद बुधवार को हुए हंगामे के विरोध में आज सुबह 10.30 बजे संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन करेंगे। इस प्रदर्शन से ठीक पहले, सुबह 10 बजे, विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन के फ्लोर लीडर्स की एक बैठक भी निर्धारित है, जिससे आज भी संसद के मानसून सत्र में हंगामे के आसार बने हुए हैं।
बुधवार को सदन में क्या हुआ?
विवाद की जड़ बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही में है, जब एंटी-पेपर लीक विधेयक पर चर्चा हो रही थी। इस दौरान राहुल गांधी ने छात्रों के संसद मार्च पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। अपने संबोधन में उन्होंने 'इडियट' और 'अंधभक्त' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिस पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। मामला तब और गरमा गया जब राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेकर छात्रों पर फायरिंग के आरोप लगा दिए। इसके बाद सदन में भारी हंगामा हुआ और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से या तो माफी मांगने या अपने आरोपों के समर्थन में तथ्य पेश करने की मांग की। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई थी।
अन्य संसदीय कार्य
संसद में आज अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियां भी होनी हैं। लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा, जिस पर दोपहर करीब 2 बजे चर्चा होने की संभावना है। वहीं, लोकसभा में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने एक स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है। उन्होंने एक नए दलबदल विरोधी कानून की रूपरेखा पर चर्चा के लिए सदन की नियमित कार्यवाही स्थगित करने की मांग की है। अपने नोटिस में उन्होंने कहा, "मेरा प्रस्ताव है कि यह सदन प्रश्नकाल, शून्यकाल और दिन के अन्य सभी सूचीबद्ध कार्यों को स्थगित कर एक नए दल-बदल विरोधी कानून के स्वरूप पर चर्चा करे।"
इनपुट: IANS



