सोमवार, 3 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

NEET पेपर लीक: PM मोदी के वीडियो संदेश पर विपक्ष का पलटवार, संसद में बयान देने की मांग

NEET पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश के बाद विपक्ष ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री से संसद में आकर इस मुद्दे पर जवाब देने की…

NEET पेपर लीक: PM मोदी के वीडियो संदेश पर विपक्ष का पलटवार, संसद में बयान देने की मांग
(फोटो: IANS)

NEET पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश के बाद विपक्ष ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री से संसद में आकर इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री को कुछ कहना है तो उन्हें रात में वीडियो जारी करने के बजाय दिन में संसद में आकर अपनी बात रखनी चाहिए।

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खड़गे ने जोर देकर कहा, "अगर प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर कुछ कहना है तो उन्हें संसद में आकर अपनी बात रखनी चाहिए। सदन में दिए गए बयान को ही गंभीरता से लिया जाएगा।"

विपक्षी दलों का एकजुट हमला

विपक्षी खेमे से कई नेताओं ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार काफी देर बाद जागी है और सिर्फ बयानबाजी से सड़कों पर उतरे युवाओं की परेशानियां हल नहीं होंगी। वहीं, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग करते हुए इसे "छात्रों और देश की मांग" बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगों पर ध्यान देने के बजाय लोगों को गुमराह कर रही है।

इसी तरह, तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का सवाल उठाते हुए पूछा कि सरकार छात्रों की मांगों को पूरा करने में देरी क्यों कर रही है। राजद सांसद मनोज कुमार झा ने भी प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश पर नाराजगी जताते हुए सरकार पर अहंकार का आरोप लगाया और कहा कि सिर्फ बयान देने से समस्या का समाधान नहीं होगा।

कानून और जांच पर सवाल

विपक्ष ने पेपर लीक रोकने के लिए प्रस्तावित कानून और मौजूदा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने पूछा कि पेपर लीक करने वालों पर कार्रवाई के लिए पहले से मौजूद कानूनों का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया। उन्होंने जांच एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय ने भी नए प्रस्तावित कानून पर कहा कि पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही इस पर प्रतिक्रिया दी जा सकती है।

कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने पार्टी के रुख का बचाव करते हुए कहा कि विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते कांग्रेस छात्रों की आवाज उठा रही है और संसद में उसकी एक अलग जिम्मेदारी है, क्योंकि "लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है।"

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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