सवाल 43 – ट्रेन में सफर करते वक्त किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?

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मेरे प्यारे दोस्तों और साथियों आज एक बार फिर से आप लोगों के सवालों का जवाब देने के लिए हम आपकी सेवा में हाज़िर हो गए हैं। हमारे प्यारे मित्रों ने ‘’ट्रेन में सफर करते किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए’’ वाला सवाल पूछा है। आप में से कई लोग हर रोज़ या कभी-कभी ट्रेन में सफर तो होंगे ही, लेकिन ट्रेन के कुछ ज़रूरी की जानकारी न होने से आपको कभी न कभी समस्या सामना तो करना पड़ा ही होगा। ऐसे में ट्रेन से जुड़ी कुछ ज़रूरी जानकारी जानना आपके लिए बेहद ज़रूरी है। तो चलिए जानते हैं कि ट्रेन में सफर करते वक्त एक यात्री को किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1- TTE रात के 10 बजे के बाद टिकट चेक नहीं कर सकता– ट्रेन में यात्रा के दौरान ट्रैवल टिकट एग्जामिनर (TTE) आपसे टिकट लेने आता है। कई बार वह देर से आकर आपको जगाता है और अपनी आईडी दिखाने को कहता है, लेकिन रात 10 बजे के बाद TTE भी आपको डिस्टर्ब नहीं कर सकता है। टीटीई को सुबह 6 से रात 10 बजे के बीच ही टिकटों का वेरिफिकेशन करना ज़रूरी होता है। रात में सोने के बाद किसी भी पैसेंजर को डिस्टर्ब नहीं किया जा सकता। यह गाइडलाइन रेलवे बोर्ड की है। हालांकि,  रात को 10 बजे के बाद यात्रा शुरू करने वाले यात्रियों पर यह नियम लागू नहीं होता है।

2- मिडिल बर्थ के लिए सोने का नियम– लंबी यात्रा करने वाले यात्रियों मिडिल बर्थ पर सोने के लिए मिडिल बर्थ ट्रेन शुरू होते ही खोल लेते हैं। इससे लोअर बर्थ वाले पर सफर करने वाले यात्रियों को काफी दिक्कत होती है। रेलवे के नियम के मुताबिक, मिडिल बर्थ वाला यात्री अपनी बर्थ पर रात के 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ही सो सकता है। रात 10 से पहले अगर कोई यात्री मिडिल बर्थ खोलने से रोकना चाहे तो रोका जा सकता है। वहीं, सुबह 6 बजे के बाद बर्थ को नीचे करना होगा, ताकि अन्य यात्री लोअर बर्थ पर बैठ सकें।

3- दो स्टॉप का नियम– अगर आपकी ट्रेन छूट जाती है तो TTE अगले दो स्टॉप या अगले एक घंटे तक (दोनों में जो पहले हो) आपकी सीट किसी और यात्री को अलॉट नहीं कर सकता है। इसका मतलब यह हुआ कि अगले दो स्टॉप में से किसी से आप ट्रेन पकड़ सकते हैं. तीन स्टॉप गुज़र जाने के बाद टीटीई के पास अधिकार होता है कि वह आरएसी लिस्ट में अगले व्यक्ति को सीट अलॉट कर दे।

4- यात्रा को बढ़ाना– कई बार पीक सीज़न के दौरान आप जिस स्टेशन तक जाना चाहते हैं लेकिन वहां तक का टिकट मिलता ही नहीं है। उस स्थिति में यात्री कुछ स्टेशन पहले के लिए टिकट ले लेते हैं। इस स्थिति में निर्धारित स्टेशन पर पहुंचने से पहले टीटीई को सूचित करके अपनी यात्रा को बढ़ा सकता हैं। टीटीई आपसे अतिरिक्त किराया वसूलेगा और आगे की यात्रा के लिए टिकट बना देगा। आपको अलग बर्थ मुहैया कराया जा सकता है। अगर खाली बर्थ नहीं मिला तो आपको बाकी यात्रा चेयर कार में करनी होगी।

5- प्लेटफॉर्म टिकट पर यात्रा– अगर आपके पास सिर्फ प्लेटफॉर्म टिकट है और आप ट्रेन में चढ़ गए हैं तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है। आप टिकट चेकर के पास जाकर टिकट बनवा सकते हैं। दरअसल, यह रेलवे का ही नियम है कि एमरजेंसी में यात्री प्लेटफॉर्म टिकट लेकर ट्रेन में सवार हो सकता है, लेकिन उसे तुरन्त TTE से संपर्क करना होगा। साथ ही आपको जहां जाना है वहां का टिकट कटवाना होगा। हालांकि, कई बार सीट नहीं होने पर टीटीई आपको रिजर्व सीट देने से मना कर सकता है, लेकिन आपको यात्रा करने से नहीं रोक सकता। ऐसी स्थिति में यात्री से 250 रुपए पेनाल्टी और यात्रा का किराया वसूला जाएगा।

 आशा करता हूं कि आप सभी को इस सवाल का जवाब मिल गया होगा। आप लोग ऐसे ही सवाल पूछते रहिए हम उन सवालों के जवाब आपको खोजकर देते रहेंगे। आप कमेंट बॉक्स में अपनी राय और कमेंट करके अपने सवाल पूछ सकते है। इस सवाल को पूछने के लिए आपका धन्यवाद।

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