बांग्लादेश: पूर्व राष्ट्रपति शहाबुद्दीन को नहीं किया जाएगा गिरफ्तार, गृह मंत्री ने अटकलों पर लगाया विराम
बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को लेकर चल रही सियासी अटकलों के बीच सरकार ने उनकी गिरफ्तारी की संभावना को खारिज कर दिया है। गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने रविवार को स्पष्ट किया कि…
बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को लेकर चल रही सियासी अटकलों के बीच सरकार ने उनकी गिरफ्तारी की संभावना को खारिज कर दिया है। गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने रविवार को स्पष्ट किया कि फिलहाल शहाबुद्दीन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई या गिरफ्तारी का कोई आधार नहीं है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्री ने यह भी बताया कि कानून के तहत पूर्व राष्ट्रपति को सभी सुविधाएं और सुरक्षा मिलती रहेगी।
मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 24 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से ही उनके भविष्य को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई थी। इस्तीफे के पीछे सरकार के दबाव को भी एक वजह बताया जा रहा है। उनके खिलाफ कुछ प्रदर्शन भी हुए, जिनमें उनकी गिरफ्तारी की मांग की गई।
कानूनी स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था
सचिवालय में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा, "ऐसा कोई आधार नहीं है, जिसके चलते पूर्व राष्ट्रपति को गिरफ्तार किया जाए।" उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि शहाबुद्दीन को अगले छह महीने तक स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) और प्रेसिडेंशियल गार्ड रेजिमेंट (PGR) की सुरक्षा मिलती रहेगी। इसके अतिरिक्त, पुलिस और अन्य एजेंसियां भी उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी।
प्रदर्शनों और कार्यकाल पर टिप्पणी
प्रदर्शनों के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि लोगों को अपनी राय रखने और विरोध करने का अधिकार है, लेकिन सरकार को अब तक कार्रवाई करने योग्य कोई तथ्य या बयान नहीं मिला है। उन्होंने शहाबुद्दीन के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने संविधान के अनुसार अपने दायित्वों का पालन किया और तत्कालीन सरकार, अंतरिम सरकार व मौजूदा सरकार, तीनों को ही उनका सहयोग मिला।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति पद पर रहते हुए शहाबुद्दीन को संवैधानिक संरक्षण प्राप्त था। हालांकि, यदि उनके आधिकारिक कर्तव्यों से अलग किसी अवधि का कोई आरोप सामने आता है, तो उस पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार के पास ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है और उन्होंने इस बारे में सिर्फ अखबारों में पढ़ा है।
इनपुट: IANS



