पंजाब: पराली जलाने पर प्रशासन सख्त, अब तक 400 से ज्यादा मामले दर्ज, 3.40 लाख का जुर्माना वसूला
पंजाब में धान की कटाई के साथ ही पराली जलाने की घटनाएं एक बार फिर चिंता का विषय बन गई हैं। इस पर काबू पाने के लिए प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है, जिसके तहत अब तक राज्य भर में 7.20 लाख रुपये का…
पंजाब में धान की कटाई के साथ ही पराली जलाने की घटनाएं एक बार फिर चिंता का विषय बन गई हैं। इस पर काबू पाने के लिए प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है, जिसके तहत अब तक राज्य भर में 7.20 लाख रुपये का पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया है, जिसमें से 3.40 लाख रुपये की वसूली भी हो चुकी है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) ने 20 अक्टूबर तक कुल 404 मामले दर्ज किए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा मामले सीमावर्ती जिलों से सामने आए हैं। तरनतारन में पराली जलाने की सर्वाधिक 198 घटनाएं दर्ज हुईं, जबकि अमृतसर 117 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। इन दोनों जिलों में अधिकारियों ने कार्रवाई भी तेज कर दी है। तरनतारन में 176 खेतों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 75 में पराली जलाने की पुष्टि हुई। वहीं, अमृतसर में 111 खेतों के निरीक्षण के बाद 42 मामलों की पुष्टि की गई।
प्रशासन की कार्रवाई और आंकड़े
प्रशासनिक कार्रवाई सिर्फ जुर्माने तक सीमित नहीं है। राज्य में अब तक 39 मामलों में FIR दर्ज की गई है और 106 मामलों में राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री की गई है। इसके अलावा, संबंधित अधिकारियों ने 152 चेतावनी नोटिस भी जारी किए हैं। अन्य जिलों की बात करें तो गुरदासपुर में 23, कपूरथला में 16, फिरोजपुर में 14, जालंधर में 5 और पटियाला में पराली जलाने के 4 मामले सामने आए हैं। पटियाला में 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
निगरानी के लिए 'फ्लाइंग स्क्वॉड' तैनात
वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने भी कमर कस ली है। आयोग ने पंजाब में 'फ्लाइंग स्क्वॉड' यानी उड़न दस्तों को तैनात किया है, जो 30 नवंबर तक जमीनी स्तर पर निगरानी करेंगे। ये टीमें चरणबद्ध तरीके से राज्य के प्रमुख धान उत्पादक जिलों में तैनात की गई हैं, जिनमें संगरूर, बठिंडा, पटियाला, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर समेत कुल 18 जिले शामिल हैं।
इनपुट: IANS



