सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, जानिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों का हाल
कमजोर वैश्विक संकेतों और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। भारतीय और अंतरराष्ट्रीय, दोनों बाजारों में निवेशकों ने कीमती धातुओं…
कमजोर वैश्विक संकेतों और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। भारतीय और अंतरराष्ट्रीय, दोनों बाजारों में निवेशकों ने कीमती धातुओं में बिकवाली की, जिससे घरेलू बाजार में चांदी ₹5,600 से ज्यादा सस्ती हो गई। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस गिरावट के पीछे अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर निवेशकों की नजर और भारतीय रुपये की मजबूती जैसे कई कारण जिम्मेदार हैं।
गुरुवार सुबह करीब 11 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना ₹1,771 (1.21%) गिरकर ₹1,44,308 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। दिन के दौरान, यह ₹1,44,196 के निचले स्तर तक भी पहुंचा, जो पिछले बंद भाव से 1.28% की गिरावट दर्शाता है। इसी तरह, दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी में और भी बड़ी गिरावट देखी गई। यह ₹5,521 (2.64%) टूटकर ₹2,03,647 प्रति किलोग्राम पर आ गई। एक समय चांदी ने ₹2,03,520 का दिन का निम्नतम स्तर भी छुआ, जो लगभग ₹5,648 की गिरावट थी।
गिरावट के पीछे के प्रमुख कारण
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस गिरावट की कई वजहें हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर रुझान, भारतीय रुपये की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है। मजबूत रुपया आयातित सोने-चांदी को सस्ता कर देता है, जिससे घरेलू कीमतों में कमी आती है। इसके अलावा, निवेशक फिलहाल अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की भविष्य की नीतियों को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं, जिससे सुरक्षित माने जाने वाले सोने में भी बिकवाली हो रही है।
वैश्विक बाजार और भविष्य के अनुमान
अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में भी सोने और चांदी में गिरावट रही। सोना 1.05% गिरकर 4,106.40 डॉलर प्रति औंस पर, जबकि चांदी 2.24% टूटकर 56.42 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। इसी बीच, बैंक ऑफ अमेरिका (बोफा) ने एक अनुमान जारी किया है, जिसके मुताबिक अगर मौजूदा दबाव बना रहा तो सोना भविष्य में 3,700 डॉलर प्रति औंस तक फिसल सकता है। भारतीय मुद्रा में यह स्तर लगभग 1.12 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम होगा। इस अनुमान ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा कई बातों पर निर्भर करेगी। इनमें अमेरिका के आवास, उपभोक्ता भावना और महंगाई से जुड़े आंकड़े प्रमुख हैं। इसके अलावा, भारत, ब्रिटेन और अमेरिका के पीएमआई आंकड़े, रूस से कच्चे तेल की आपूर्ति और प्रमुख केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियां भी सोने-चांदी की चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
इनपुट: IANS



